दुर्ग / शौर्यपथ / निगम आयुक्त इंद्रजीत बर्मन द्वारा आज निगम अधिकारियों के साथ शहर का भ्रमण करते हुये बारिश को देखते हुये शंकर नगर नाला अंतर्गत दुर्गा चैक, विजय नगर, संतराबाड़ी, शदाणी नगर, केलाबाड़ी, पोटिया नाला, कसारीडीह नाला क्षेत्र को निरीक्षण किया गया। सभी नालों बारिश का पानी पूरे वेग से प्रवाह हो रहा है नालों के कारण किसी भी क्षेत्र में बारिश का पानी भरने की स्थिति नहीं दिखा । उन्होंने नाला में कार्य को संतोषजनक पाये। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य अधिकारी दुर्गेश गुप्ता, स्वच्छता निरीक्षक जसवीर सिंह भुवाल, मेनसिंग मंडावी, दरोगा राजू सिंह, सुपरवाईजर व अन्य उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि आयुक्त ने बताया बारिश के पूर्व सभी बड़े नालों की सफाई युद्ध स्तर पर कराया गया है। बारिश प्रारंभ होने के बाद आज नालों में बारिश के पानी का निकासी की स्थिति का जायजा लिया गया। जहॉ बारिश का पानी पूरे वेग के साथ निकासी हो रही हैं कहीं भी जलभराव की स्थिति नहीं है फिर भी निगम अधिकारियों को सजग रहने और स्थिति पर नजर रखने कहा गया है। इसके अलावा निगम आयुक्त इंद्रजीत बर्मन द्वारा निगम क्षेत्र में वर्षा ऋतु के दौरान आम नागरिकों को होने वाली समस्याओं का निराकरण करने निगम के समस्त कार्यपालन अभियंताओं, सहायक अभियंताओं, और उपअभियंताओं को सजग रहने निर्देश दिये हैं। उन्होनें आदेश जारी कर कहा है कि सभी अपने प्रभार के वार्डो में गहन निरीक्षण करें और कार्यवाही सुनिश्चित करें।
उन्होनें कहा बारिश के दौरान वार्डो के नालियों में पानी जाम, सड़क पर पानी भरने, के अलावा नालों में कचरा आकर फंसने और साफ-सफाई की समस्या आम नागरिकों को होती है। उन्होनें अधिकारियों को निर्देशित कर कहा बारिश के कारण एैसे नालियॉ जो क्षतिग्रस्त हो गया है उनका संधारण हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत करें। साथ ही बारिश के कारण जाम नालियोंं को संबंधित सफाई दरोगा एवं सुपरवाईजर से संपर्क कर साफ करवाने का कार्य करायें। पोटिया नाला, केलाबाड़ी नाला, गिरधारी नाला, पुलगांव नाला एवं शंकर नाला में मिलने वाली समस्त नालियों जहॉ जाली लगाने का कार्य नहीं हुआ है वहॉ जाली लगाने हेतु संधारण मद से प्रस्ताव प्रस्तुत करें। उन्होनें कहा कार्यपालन अभियंता सहित सभी इंजीनियर अपने प्रभार क्षेत्र का निरंतर भ्रमण कर पेचवर्क कार्य करायें, ताकि शहर का आवागमन बाधित ना हो। उन्होनें कहा वार्ड निरीक्षण के दौरान वे संबंधित वार्ड पार्षद से अवश्य संपर्क कर समस्याओं का नियमानुसार निराकरण करायें।