भिलाई नगर/ शौर्यपथ / भिलाई के जेनेरिक मेडिकल स्टोर में लोगों का अच्छा रिस्पांस मिल रहा है, जहां भारी संख्या में जरूरतमंद नागरिक सस्ती दवाई लेने के लिए पहुंच रहे हैं। खुर्सीपार निवासी यशवंत एवं पावर हाउस निवासी मोहम्मद अंसारी आज भिलाई के जेनेरिक मेडिकल स्टोर में दवाई लेने पहुंचे। 55% छूट के साथ उन्हें धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर से दवाई मिली उन्होंने कहा कि सस्ती दर पर दवाई मिलने से पैसे की भारी बचत हो रही है, बचत पैसे का अन्य कार्यों में उपयोग करेंगे, यशवंत ने आगे बताया कि बीमारी के कारण नियमित रूप से दवाई का सेवन करना पड़ता है, ऐसे में छूट के साथ दवाई मिलना मेरे लिए काफी लाभप्रद है! धन्वंतरी जेनरिक मेडिकल स्टोर्स के माध्यम से जेनरिक दवाएं उपलब्ध कराने का शासन का उद्यम बेहद सफल रहा है। दवा दुकानों में लोगों की काफी भीड़ पहुंच रही है। भिलाई में पावर हाउस स्थित मदर्स मार्केट एवं शास्त्री मार्केट तथा कुरूद भगवा चौक में धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर प्रारंभ हो चुका है। जहां दवाई के जरूरतमंद नागरिक बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। भिलाई में शास्त्री मार्केट में दवा लेने पहुंची राखी साहू ने बताया कि उनके पड़ोसी ने बताया कि उन्होंने कल मल्टी विटामिन जेनरिक दवा दुकान से खरीदी और काफी सस्ती मिली। मैंने सोचा कि मैं भी देखती हूँ। कोरोना से ठीक होने के बाद इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए मैं मल्टी विटामिन ले रही हूँ, कुछ पैसे बच जाएं तो बहुत अच्छा है। यहां मैंने देखा कि हर्बल प्रोडक्ट्स भी काफी हैं और बहुत अच्छी रेंज में हैं। मैंने हर्बल प्रोडक्ट भी ले लिये। राखी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में हर्बल प्रोडक्ट खरीदना हमेशा फायदे का सौदा है क्योंकि हमारे बस्तर के जंगल तो वनौषधियों के भरमार ही हैं और यहां पर शुद्ध सामान ही मिलेगा। दवा खरीदने मदर्स मार्केट में पहुंचे सोनू चंद्राकर ने बताया कि मैंने आमिर खान का सत्यमेव जयते देखा था और सुना था कि जेनरिक दवाएं उसी फार्मेशन में होती हैं और बेहद सस्ती होती हैं और उतनी ही प्रभावी होती हैं। फिर भी यह कहां मिलती हैं इसके बारे में मुझे जानकारी नहीं थी। सरकार ने यह अच्छा किया कि इसे शहर के सबसे महत्वपूर्ण केंद्रों में खोल दिया है। जेनरिक दवा लेने के लिए मुझे अस्पताल तक जाने की जरूरत नहीं। भगवा चौक में दवाई लेने पहुंचे सुधीर रामटेके ने बताया कि मैथवी केयर की 235 रुपए एमआरपी की दवाई 129.25 रुपए में, लूलीडर की 330 रुपए एमआरपी की दवाई 181.50 रुपए में तथा थायरोक्सिन की 180 रुपए एमआरपी की दवाई 99 रुपए में प्राप्त हुई है। इस प्रकार जो दवाई कुल 745 रुपए में मिलनी थी वह दवाई केवल 409.75 रुपए में प्राप्त हो गई, इस प्रकार 335.25 रुपए की सीधी बचत हुई है।