दुर्ग / शौर्यपथ / कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने आज पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने सभी चिकित्सा अधिकारियों को दिए गए लक्ष्य और इसकी प्राप्ति की स्थिति की समीक्षा भी। कलेक्टर ने कहा कि अक्टूबर महीना हो चुका है और अभी तक लक्ष्य प्राप्ति को लेकर प्रयास संतोषजनक नहीं है। दिसंबर तक युद्ध स्तर पर प्रयास कर लक्ष्य प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि दिसंबर महीने में सभी अधिकारियों के परफारमेंस की समीक्षा की जाएगी और और असंतोषजनक पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने दिए डीएमएफ से संबंधित प्रस्ताव भी विभागीय अधिकारियों से चाहे। उन्होंने कहा कि कृषि के साथ ही पशुधन विकास को लेकर चलने में आर्थिक विकास की काफी संभावनाएं हैं। अत: इससे संबंधित किसी भी तरह नवाचार का बेहतर प्रस्ताव आप दे सकते हैं इसे बैठक में रखा जाएगा। कलेक्टर ने उन अधिकारियों की प्रशंसा की जिन्होंने अपने लक्ष्य प्राप्त कर लिए हैं। साथ ही कलेक्टर ने कहा कि अगले साल जो लक्ष्य दिया जाए वह इस वर्ष प्राप्त किए गए लक्ष्य की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक हो। कलेक्टर ने कहा कि कुक्कुट पालन को बढ़ावा देना है इसके लिए सब्सिडी डीएमएफ के माध्यम से दी जा रही है। इसके लिए पात्र हितग्राहियों का चिन्हांकन करें। कलेक्टर ने अब तक डीएमएफ के माध्यम से स्व सहायता समूहों को दिए गए कुक्कुट पालन के लिए दिए गए सहयोग से आए जमीनी नतीजों की समीक्षा भी की। अधिकारियों ने बताया कि इसका अच्छा नतीजा सामने आया है और स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने इससे काफी लाभ अर्जित किए हैं।
बैठक में बकरी पालन, बटेर पालन आदि पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने कहा कि पशुधन के माध्यम से समृद्धि सरकार की पहली प्राथमिकताओं में से है गौठान में इसके माध्यम से हमें नस्ल संवर्धन के अवसर भी उपलब्ध हो रहे हैं। नस्ल संवर्धन का सीधा असर उत्पादकता पर भी पड़ता है जितने तेजी से हम यह काम करेंगे, पशुधन विकास के उतने ही अवसर उपलब्ध हो ही हो पाएंगे। इस मौके पर कलेक्टर ने कहां की कैस्ट्रेशन आदि से संबंधित जिस सामग्री की जरूरत है वह सभी सामग्री जल्द ही उपलब्ध करा दी जाएगी। इस मौके पर उप संचालक पशु चिकित्सा डॉ.एमके चावला सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।