दुर्ग भिलाई /शौर्यपथ/
अब बीएसपी की प्लेट्स से नौसेना की पनडुब्बियों का निर्माण होगा। इसमें इस्तेमाल होने वाली स्पेशल ग्रेड की प्लेट डीएमआर 249-ए ग्रेड को भी अपग्रेड किया गया है। जिसके उत्पादन का प्लेट मिल में ट्रायल सफल रहा। प्रबंधन को इंतजार अब नौसेना से आर्डर मिलने का है। अभी तक बीएसपी की प्लेट का इस्तेमाल पनडुब्बियों के रिपेयर में ही किया जा रहा है। देश पहली तीन परमाणु हमले वाली पनडुब्बियों को स्वदेशी रूप से बनाने की तैयारी में है। यह 95 फीसदी मेड इन इंडिया होंगी। इस प्रोजेक्ट पर लगभग 50,000 करोड़ खर्च का अनुमान है। इसे विशाखापट्नम में रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा बनाया जाएगा।
पनडुब्बियों के निर्माण में विदेशी प्लेट का इस्तेमाल
देश में जितनी भी पनडुब्बियों का निर्माण किया गया, उसके लिए स्पेशल ग्रेड की प्लेट्स रूस सहित अन्य देशों से मंगवाना पड़ रहा था। नौसेना अब मेक इन इंडिया के तहत भविष्य में बनाई जाने वाली पनडुब्बियों के निर्माण में भारत में उत्पादित स्पेशल ग्रेड की प्लेट्स का इस्तेमाल करेगा। नौसेना पहले से ही युद्ध पोतों के निर्माण के लिए बीएसपी में उत्पादित स्पेशल ग्रेड की प्लेट्स का उपयोग कर रहा है।
दो इंजीनियर्स ने राउरकेला प्लांट में ली ट्रेनिंग
नौसेना की डिमांड को देखते हुए बीएसपी प्रबंधन तैयारी में जुट गया है। पनडुब्बियों के लिए डीएमआर 249-ए ग्रेड के अपग्रेड वर्जन का इस्तेमाल किया जाना है। प्रबंधन ने उस ग्रेड के प्लेट की जानकारी लेने के लिए अपने आरसीएल के दो एक्सपर्ट इंजीनियर्स को राउरकेला प्लांट भेजा। यहां इंजीनियर्स ने स्पेशल प्लेट्स के गुणवत्ता की जानकारी ली। इसके बाद प्लेट मिले में हुआ ट्रायल सफल रहा।