दुर्ग /शौर्यपथ/
पुलगांव थाना क्षेत्र के चंदखुरी से 6 दिसंबर की रात से गायब सिविल इंजीनियर शिवांग चंद्राकर के मामले में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है। घड़ी के बाद खेत से मिली टीशर्ट और चप्पल की भी पहचान हो गई। टीशर्ट और चप्पल शिवांग ने गायब होने के करीब एक हफ्ते यानी अभी से दो हफ्ते पहले अपनी बहन के मोबाइल से ऑनलाइन आर्डर कर मंगवाई थी। बहन के मोबाइल नंबर की जांच करने के बाद इसकी पुष्टि हो गई है। टी शर्ट और चप्पल दोनों ऑनलाइन ब्रांड के हैं। खेत में लंबे समय तक पड़े रहने के कारण टीशर्ट का रंग खराब हो गया है, लेकिन साइज और ऑनलाइन आर्डर की डिटेल मिलाने पर दोनों सामान शिवांग के होने का पता चल गया है। परिजन अब भी दावा कर रहे हैं कि शिवांग का अपहरण हुआ था।
इधर सोमवार को अवशेष तलाशने के उद्देश्य से शिवांग के परिजन और पुलिस ने उसी खेत में पहुंचे थे, जहां नरकंकाल मिला था। करीब पांच घंटे छानबीन के बाद भी कुछ नहीं मिला। परिजन के मुताबिक अब तक शरीर का सिर्फ 10 प्रतिशत ही अवशेष मिला है। पुलिस ने डीएनए टेस्ट कराने कंकाल और शिवांग के माता-पिता का ब्लड सैंपल लेकर रायपुर भेजा है। इधर, पुलिस चंदखुरी भाठा के ग्रामीणों से पूछताछ कर चुकी है। घटना स्थल पर एक्टिव मोबाइल की जांच के लिए पीएसटीएन डेटा खंगाला गया। लेकिन गांव में एक ही टावर होने के कारण लगातार लोकेशन जंप हो रही है। इससे पुलिस को खास सुराग नहीं मिल रहा है।