हड़ताल में शामिल होने वालों के लिए प्रबंधन ने दी चेतावनी
durg / shouryapath / सार्वजनिक क्षेत्र के इस्पात संयंत्रो का निजीकरण नही करने एवं संयंत्र कर्मियों के मुद्दों के साथ-साथ आठ राष्ट्रीय मामलों को लेकर राष्ट्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मचारी 28 एवं 29 मार्च को दो दिन तक हड़ताल पर रहेेंगे। एक ओर जहां एचएमएस सहित आठ राष्ट्रीय ट्रेड यूनियने इस हड़ताल को सफल बनाने तो वही हड़ताल को बेअसर करने बीएसपी प्रबंधन मुस्तैद हो गया है। किसी भी अधिकारी व कर्मचारी को अवकाश नही दिया जाने एवं जिनका अवकाश स्वीकृत हो गया है, उसे निरस्त करने के साथ ही हड़ताल में शामिल होने एवं इन दोनो दिन गैर हाजिर रहने वाले कर्मियों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही करने की चेतावनी भी बीएसपी प्रबंधन द्वारा दी गई है। इस हड़ता संयंत्र में पंजीकृत आठ यूनियन स्टील एंप्लाइज यूनियन (इंटक), हिंदुस्तान स्टील एंप्लाइज यूनियन (सीटू),भिलाई स्टील मजदूर सभा (एटक), भिलाई श्रमिक सभा (एचएमएस), सेंटर ऑफ स्टील वर्कर्स (ऐक्टू), इस्पात श्रमिक मंच, स्टील वर्कर्स यूनियन, हिंदुस्तान इस्पात ठेका श्रमिक यूनियन(सीटू) इस हड़ताल में शामिल होंगी। वहीं बीएमएस से संबद्ध भिलाई इस्पात मजूदूर संघ ने इसे राजनीतिक करारे देते हुए शामिल नहीं होने की घोषणा की है। वहीं बीएसपी वर्कर्स यूनियन, जूनियर डिप्लोमा इंजीनिर्स एसोसिएशन भी इस हड़ताल में शामिल नही होगा,क्योंकि जहां बीएमएस भाजपा से संबंध तो बीएसपी वर्कर्स यूनियन भी भाजपा समर्थित सांसद विजय बघेल के खास है, और केन्द्र में भाजपा नीति सरकार है, और भिलाई इस्पात संयंत्र भी केन्द्र शासन के अधीन है।
यूनियनों की प्रमुख मांगें
1. वेतन एवं अन्य सुविधाओं में कर्मियों के साथ भेदभाव स्वीकार नहीं।
2. 1 जनवरी 2017 से पूरे 39 महीने का एरियर्स भुगतान हो।
3. ग्रेच्युटी कटौती का एकतरफा आदेश वापस हो।
4. निलंबित एवं स्थानांतरित किए गए कर्मियों का कार्रवाई आदेश वापस हो।
3. सार्वजनिक क्षेत्र के इस्पात उद्योगों का किसी भी रूप में निजीकरण न हो।
6. स्थाई कर्मियों की नियुक्ति हो। स्थाई प्रकृति के कार्यों में ठेका श्रमिकों की नियुक्ति बंद हो।
7. ठेका श्रमिकों को स्थाई किया जाए। उनका तत्काल वेतन समझौता हो।
8. चारों श्रम संहिताओं को रद्द किया जाए।
हड़तालियों से निपटने प्रबंधन ने की तैयारी
1. सीजीएम और जीएम तैनात रहेंगे गेट पर
सयंत्र के पांचों गेट मेनगेट, बोरिया गेट, मरोदा गेट, खुर्सीपार और जोरातराई गेट पर मुख्य महाप्रबंधक और महाप्रबंधक स्तर के अफसरों की ड्यूटी लगाई गई है। इनके अलावा औद्योगिक संबंध (आईआर) विभाग के कर्मी भी सयंत्र जाने वाले रास्तों पर जगह-जगह तैनात रहेंगे। वे ड्यूटी आने वाले कर्मियों की मदद करेंगे।
तो सीआईएसएफ बरतेगा सख्ती
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवान भी टाउनशिप से संयंत्र की ओर जाने वाले सभी मार्गों व गेट पर मुस्तैदी से अलर्ट रहेंगे। वे ड्यूटी जा रहे कर्मियों को रोकने- टोकने वालों से पिछली बार 30 जून 2021 की हड़ताल की तरह सख्ती से निपटेंगे।
3. नाइट और फस्र्ट शिफ्ट के कर्मियों को रोकेंगे
रविवार के नाइट शिफ्ट और सोमवार की पहली पाली के कर्मचारियों को उनकी ड्यूटी के बाद अगले शिफ्ट के लिए रोका जा सकता है। उनके लिए नाश्ता, चाय व खाने की व्यवस्था प्रबंधन की ओर से किया जाएगा। इसके लिए संयंत्र में संचालित कैंटीन को व्यवस्था रखने के निर्देश पहले से दे दिए गए हैं। आवश्यकतानुसार ऑर्डर दिए जाएंगे।
कर्मियों की पूर्व स्वीकृत छुट्टी भी रद्द
28 एवं 29 मार्च, 2022 को अवकाश स्वीकृत न किया जाए। यदि उक्त दिवस के लिए पूर्व में ही अवकाश स्वीकृत किया जा चुका है तो उसे निरस्त किया जाए आगे। उक्त दोनों तारीख में चिकित्सा अवकाश भी केवल सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी चिकित्सा प्रमाण पत्र के आधार पर ही स्वीकृत किया जाए न कि स्व-प्रमाणन के आधार पर।
कर्मियों को रोका तो होगी कार्रवाई
प्रबंधन ने कहा है कि अधिकतर मांगे केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों और निगमित कार्यालय सेल, नई दिल्ली से सबंधित है। इसपर संयंत्र स्तर पर निर्णय लेना संभव नहीं है। हड़ताल के दिन किसी भी कार्मिक को संयंत्र के भीतर प्रवेश में व्यवधान उत्पन्न करने या बलपूर्वक रोकने का प्रयास न करें अन्यथा अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
आज गैरहाजिरी भी हड़ताल में शमिल माना जाएगा
28 एवं 29 मार्च, 2022 को कार्य से अनुपस्थिति को हड़ताल में भाग लेना माना जाएगा ऐसी अनधिकृत अनुपस्थिति का वेतन में कटौती के अतिरिक्त एसपीआईएस अर्जन में भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। ऐसे कार्मिक कम्पनी के स्थाई आदेशों (संयंत्र / खदान) एचएसएल अनुशासन व अपील नियम एवं कम्पनी के अन्य लागू नियमों के अंतर्गत अनुशासनात्मक कार्रवाई के पात्र होंगे।