भिलाई / शौर्यपथ /
भिलाई निगम प्रशासन शहरी गौठान में आजीविका के अवसर बढ़ रहा है। इसके तहत भिलाई निगम के शहरी गौठान, कोसा नगर में छग शासन कीे चार महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी सहित गोधन न्याय योजना अपना आकार ले रही है। वहीं यहां आजीविका के साधन को भी बढ़-चढ़कर महत्व दिया जा रहा है। गौठान में आवारा मवेशियां पल रही हैैं। स्व सहायता समूह की महिलाएं रोजगारोन्मुखी कार्य कर आत्म स्वावलंबन की डगर पर चल पड़ी हैं। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे के निर्देश पर आयुक्त प्रकाश सर्वें गौठान को सर्वसुविधायुक्त बनाने लगातार निरीक्षण का मॉनिटरिंग भी करते रहते हैं। समूह की महिलाओं को नवाचार का प्रयोग कर आर्थिक रूप से सक्षम बनाने साधन भी उपलब्ध कराते आ रहे हैं।
गौठान परिसर में 120 गौ माता सहित बछिया को रखा गया है। समूहों द्वारा पोषित चरवाहा के जरिए इन मवेशियों का बेहतर देखभाल किया जा रहा है। परिसर में ही हरा चारा उपलब्ध कराने नेपियर घास उगाई गई है। मवेशियों के गोबर को इक_ा कर खाद बनाया जा रहा है। वर्मी कंपोस्ट खाद उत्पादन: नई उड़ान क्षेत्र स्तरीय संगठन जोन एक की समूह की महिलाएं गोबर से खाद बनाने में जुटी हुईं हैं। निगम द्वारा बनाई कई टंकियों में गोबर को सड़ाकर रखा जा रहा है। उसके बाद कई प्रक्रियाओं के बाद छानकर वर्मी कंपोस्ट खाद बनाया जा रहा है। समूह की महिलाएं प्रति माह 10 टन वर्मी कंपोस्ट खाद का निर्माण कर रही हैं। अब तक इनके द्वारा करीबन 150 टन खाद की बिक्री की जा चुकी है। गोबर खरीदी: समूह की महिलाएं प्रतिदिन आसपास के लोगों से 2 रूपए किलों में गोबर की खरीदी जा रही है। प्रतिदिन गौ पालक स्वयं शहरी गौठान में आकर गोबर बेच रहे हैं। इस बिक्री से उसे अच्छी खासी आय भी हो रही है। केंचुआ पालन: गौठान में केंचुआ पालन को भी महत्व दिया जा रहा है। यहां प्रतिमाह 70 किग्रा केंचुआ का उत्पादन किया जा रहा है। इसकी डिमांड मछली पालन व स्थानीय लोगों में मिट्टी को उर्वरा शक्ति बनाने के लिए किया जा रहा है।
गोबर कंडा व लकड़ी निर्माण गोबर से कंडा व लकड़ी का निर्माण भी बड़ी मात्रा में किया जा रहा है। इसका उपयोग निगम क्षेत्र व आसपास के मुक्तिधामों में शवों को दहन करने में किया जा रहा है। इसके निर्माण से महिलाओं को खासा फायदा हो जा रहा है।