दुर्ग / शौर्यपथ /
दुर्ग नगर पालिक निगम में इंजीनियरों द्वारा भ्रष्टाचार के रोज नए नए मामले सामने आते हैं सालों से जमे इंजीनियरों द्वारा कहीं ना कहीं कार्यों में भ्रष्टाचार को अंजाम दिया जाता रहा है किंतु अब दुर्ग नगर निगम में नवनियुक्त इंजीनियरों द्वारा भी इस खेल को बखूबी अंजाम देने का कार्य शुरू हो चुका है मामला है वार्ड नंबर 47 के आंगनवाड़ी के बाउंड्री वॉल का .
प्राप्त जानकारी के अनुसार महिला एवं बाल विकास के मद से कार्य एजेंसी नगर पालिक निगम ने बाउंड्री वॉल का निर्माण कर दिया जबकि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अभी दस्तावेज भी पूरे नहीं दिए गए इस बारे में जब शौर्यपथ समाचार पत्र द्वारा दुर्ग नगर निगम के से जानकारी चाही गई तो उन्होंने जानकारी दी है कि विभाग में बाउंड्री वॉल बनाने के आदेश तो आए हैं किंतु किस स्थान पर बनाना है इस बारे में जमीन के दस्तावेज उपलब्ध नहीं है कार्यपालन अभियंता जैन द्वारा जब तक दस्तावेज उपलब्ध ना हो तब तक कार्य को आगे नहीं बढ़ाया जाए ऐसा वार्ड इंजीनियर मोहित मरकाम से कहा गया।
किंतु प्राप्त जानकारी के अनुसार वार्ड नंबर 47 के आंगनवाड़ी के पीछे निर्माणाधीन बाउंड्री वॉल का निर्माण निरंतर जारी रहा इस बारे में जब वार्ड इंजीनियर मरकाम से चर्चा की गई तो उनके अनुसार वार्ड पार्षद कविता तांडी ने बनाने का आदेश दिया है इसलिए बाउंड्री वाल बना दिया गया है दस्तावेज के बारे में जब वार्ड इंजीनियर से पूछा गया तो उन्होंने गोलमोल जवाब दिया और दस्तावेज मौजूद ना होने की बात कही .
बड़ा सवाल यह है कि जब कार्य एजेंसी नगर पालिक निगम के पास अभी तक दस्तावेज ही नहीं पहुंचे हैं की किस जगह से किस खसरा नंबर कितने रकबा में उक्त बाउंड्री वॉल बनाना है तो आखिर वार्ड इंजीनियर मरकाम किस नियम के तहत वार्ड पार्षद के कहे अनुसार बाउंड्री वाल का निर्माण कर दिए हैं जबकि जिस स्थान पर बाउंड्री वाल का निर्माण किया गया है वहां पर की जमीन का बहुत बड़ा हिस्सा दलदली है जो किसी भी काम की नहीं है ।
इस बारे में इस बारे में वार्ड के लोगों में चर्चा है कि वार्ड पार्षद अपने घर के बाउंड्री वॉल से लगाकर यह बाउंड्री वाल बनवा दी है जिसका कोई उपयोग नहीं है बाउंड्री वॉल के अंदर स्थित दलदल में सिर्फ सूअरों का वास रहता है ऐसे में आखिर किस आधार पर यह बाउंड्री वाल बना दिया गया है यह वार्ड के लोगो के भी समझ से परे है . वही दबी जुबान में वार्ड में यह भी चर्चा है कि वार्ड पार्षद वार्ड की समस्याओं से ज्यादा अपने स्वार्थ के लिए शासकीय मटका उपयोग करती हैं।
बता दें कि आंगनवाड़ी के सामने ही एक बड़ा मैदान है जहां पर खेलकूद की सामग्री लगी हुई है वार्ड वासियों का कहना है कि अगर उक्त स्थान पर बाउंड्री वाल लगता तो एक अच्छा खेलकूद का पार्क बन जाता किंतु जिस जगह अभी बाउंड्रीवाल बना है वहां पर दलदली जमीन है और किसी भी काम की नहीं है।
ऐसे में सोचने वाली बात यह है कि आखिर दुर्ग निगम के वार्ड इंजीनियर मोहित मरकाम अपनी जिम्मेदारियों को दरकिनार करते हुए नियमों की अनदेखी करते हुए कार्यपालन अभियंता जैन की बातों को भी दरकिनार करते हुए निर्माण कार्य को सुचारू रूप से कैसे चलने दिए .क्या इसमें किसी का निजी स्वार्थ है जिसका समर्थन वार्ड के इंजीनियर कर रहे हैं वहीं वार्ड वासियों का कहना है कि इस मामले की नगर निगम आयुक्त द्वारा उचित जांच होनी चाहिए एवं लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारियों जनप्रतिनिधियों पर कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
अब देखना यह है कि बाउंड्री वॉल के निर्माण पर नगर पालिक निगम के आयुक्त हरेश मंडावी द्वारा क्या कदम उठाया जा रहा है.