दुर्ग / शौर्यपथ /
दुर्ग नगर पालिक निगम क्षेत्र में अवैध कब्ज़ाधारियों की रफ़्तार जिस तरह से लगातार विकराल रूप ले रही है उससे ऐसा प्रतीत होता है कि अआने वाले समय में शहर में अवैध कब्ज़ा एक बड़े व्यापार के रूप में शामिल हो जायेगा . इन अवैध कब्जों पर निगम के अधिकारी तो मौन रहते है साथ ही साथ शहर में निगम की सरकार जिन विधायक के मंशा के अनुसार संचालित हो रही है वो विधायक भी मौन रह कर इस तरह के कृत्य पर मौन सहमती देते नजर आ रहे है .
दुर्ग शहर जितनी बदहाली की स्थिति में आज है उतनी बदहाल पूर्व में कभी नहीं हुई थी . दुर्ग निगम क्षेत्र में अधिकतर कार्य केंद्र की योजनाओं के ही संचालित हो रहे है चाहे वो वित्त आयोग की राशि हो , चाहे अमृत मिशन से उद्यान , जल संसाधन , चाहे वो प्रधानमंत्री आवास योजना हो , स्वक्षता मिशन का कार्य हो अधिकतर कार्य केंद्र की योजनाओं के ही संचालित हो रहे है . वही अगर विकास की बात की जाये तो शहर का विकास नहीं नजर नहीं आ रहा है . आज शहर की स्थिति धुल , गड्ढो , अव्यवस्थित मार्ग , अवैध कब्ज़ा , बेतरतीब बाज़ार से पटा हुआ है . ऐसा नहीं है कि निगम प्रशासन इन अवैध कब्जों / अव्यवस्थित बाज़ार के बारे में नहीं जानता है . सारी जानकारी और नोटिस का खेल खेलने में सम्बंधित विभाग माहिर हो गया है .
बिना अनुमति संचालित घर संसार सेल को किसका आशीर्वाद प्राप्त
ऐसा ही एक मामला फरिस्ता काम्प्लेक्स स्थित घर संसार सेल का है . घर संसार सेल पहले शीला होटल के भूतल और प्रथम तल पर संचालित था किन्तु अव्यवस्थाओ और अमानको के कारण भीषण आग के चपेट में आने के बाद होटल शीला तो बर्बाद हो गया किन्तु कही ना कही जिम्मेदार संस्था घर संसार सेल के संचालको द्वारा फरिस्ता काम्प्लेक्स पर फिर से व्यापार संचालित करना शुरू कर दिया . भ्रष्टाचार का आलम देखिये कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी घर संसार सेल के संचालको ने नियमो का पालन ना करते हुए एक बार फिर व्यापार शुरू कर कर दिया वही वर्तमान में प्राप्त जानकारी के अनुसार निगम द्वारा अभी तक व्यापार करने की अनुमति नहीं डी गयी किन्तु निगम के अधिकारी ऐसे संस्थान पर किसी भी तरह की कार्यवाही नहीं कर पा रहे है या नहीं करना चाहते . क्या सम्बंधित विभाग के अधिकारियों की इस अवैधानिक रूप से संचालित घर संसार सेल से कोई बड़ी रकम प्राप्त होती है या किसी बड़े रसूखदार के रसूख के आगे मजबूर है . कारण जो भी हो निगम के भवन शाखा , लाइसेंस विभाग और अतिक्रमण विभाग के पास अधिकार होने के बावजूद भी घर संसार सेल पर किसी तरह की कार्यवाही का ना होना किसी बड़े भष्र्टाचार की ओर इशारा कर रहा है .
बता दे कि इस अवैधानिक रूप से संचालित घर संसार सेल का उदघाटन शहर के विधायक अरुण वोरा द्वारा किया गया है . क्या जनप्रतिनिधि और दजऱ्ा प्राप्त राज्य मंत्री के द्वारा अवैधानिक रूप से संचालित संस्था का उद्घाटन करने के कारण ही निगम प्रशासन कार्यवाही से पीछे हट रहा है या कोई अन्य कारण है ...