दुर्ग / शौर्यपथ /
छत्तीसगढ़ में युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों के लिए मतों द्वारा चुनाव शुरू हो गए है . ऐसे में सालो बाद हो रहे चुनाव में एक बार फिर सक्रीय युवा कांग्रेसियों के मन में उत्साह है कि इस बार मेहनत और सक्रियता को महत्तव दिया गया है . जो जितना ज्यादा सक्रीय रहेगा वह ही विजय होगा . सक्रियता की बात करे तो दुर्ग शहर युवा कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए 23 उम्मीदवारों ने नामांकन भर दिया है जिनकी स्क्रूटनी होनी अभी बांकी है 4-5 मई तक स्थिति साफ़ हो जायेगी कि कौन कौन मैदान में जमे रहेगा . किन्तु वही दुर्ग में युवा कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए एक नाम ऐसा भी है जिसका विरोध तो बहुत ही ज्यादा है किन्तु इतने विरोध के बाद भी वोरा गुट के युवा कांग्रेसियों का समर्थन ख़ास रूप से विधायक वोरा के पुत्र और राजनीती विरासत संभाले हुए संदीप वोरा का युवा कांग्रेस के दुर्ग अध्यक्ष पद के लिए आयुष शर्मा का समर्थन कई युवा कांग्रेसियों को रास नहीं आ रहा . चूँकि दुर्ग में संगठन में निष्क्रिय कार्यकर्ताओ की भरमार में भी पहली पसंद विधायक को समर्थन करने वालो की नजर आती है किन्तु संगठन की निष्क्रियता पिछले दिनों मुख्यमंत्री की सभा की खाली खुर्सियो ने खोल कर रख दी है . निष्क्रिय संगठन के बाद अब निष्क्रिय पूर्व अध्यक्ष को एक बार फिर युवा कांग्रेस अध्यक्ष बनाने की होड़ में युवा कांग्रेसियों के बहुत बड़े समूह को वोरा गुट ने पहले ही नाराज कर दिया है जिसका परिणाम नामांकन के दो दजऱ्न के करीब फ़ार्म ही बता रहे है .
कहते है अगर सचीन तेंदुलकर को गाना गाने कह दिया जाए तो उनके बेसुरे राग को लोग देखेंगे और सुनेंगे जरुर किन्तु सिर्फ मनोरंजन की दृष्टी से सचीन अच्छा क्रिकेट खेल सकते है सोनु निगम अच्छा गाना गा सकते है . इंसान सब अच्छे लेकिन सभी में अलग अलग गुण होते है उन्हें उनके सामथ्र्य के हिसाब से कार्य क्षेत्र में ही सफलता मिलती है अन्य क्षेत्र में सिर्फ हंसी का पात्र ही बन सकते है .
ऐसे ही हाल दुर्ग युवा कांग्रेस का है . अगर व्यक्तित्व की बात करे तो आयुष शर्मा जैसा व्यक्तिव व्यापारिक दृष्टी कोण से अति उत्तम है किन्तु राजनीती में शून्य के बराबर बावजूद इसके एक गुनी व्यक्ति को उनके क्षेत्र के बाहर के कार्य की जिम्मेदारी देकर सिर्फ मानसिक रूप से प्रताडि़त किया जा सकता है .
वही सक्रियता के मामले में अन्य उम्मीदवारों में अहमद चौहान की बात करे तो सालो से राजनीती से जुड़े होने के कारण एवं पारिवारिक पृष्ठ भूमि में राजनीती होने के साथ साथ संगठन के बेहतरीन रणनीतिकार राजेंद्र साहू के साथ सालो से राजनीति करने के कारण उनका युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओ में एक अलग पहचान है .वही सक्रियता की बात करे तो अहमद चौहान द्वारा पाटन क्षेत्र , अहिवारा क्षेत्र सहित स्थानीय चुनावों में भी संगठन की जिम्मेदारियों को निभाने का लम्बा अनुभव है . ऐसे में युवा कांग्रेस संगठन में वर्तमान समय में तुलनात्मक दृष्टी से और राजनितिक क्षेत्र में चर्चा है कि मुकाबला भले ही सामने कुछ अलग दिख रहा हो किन्तु परदे के पीछे एक नया ही राजनितिक पहलु सामने आ रहा है जिसके अनुसार दुर्ग शहर के युवा कांग्रेसी अब निष्क्रियता को दरकिनार करने का मन बना चुके है .
ऐसे में देखना होगा कि अंतिम समय में क्या निर्णय होता है . वैसे तो अन्य दावेदारों की भी लम्बी फौज है जिसमे सोनू साहू जैसे उम्मीदवार भी है जो देवेन्द्र यादव के ख़ास समर्थक होने के साथ विगत सालो से सक्रियता के मामले में पूर्व प्रदेश महासचिव संदीप वोरा से भी कई गुना आगे है एवं दुर्ग के छात्रों के लिए कई आन्दोलन कर चुके है वही एक समय संदीप वोरा के ख़ास समर्थक मोहित वाल्दे भी मैदान पर उतर चुके है . इन सबमे अहमद चौहान को अगर राजेंद्र साहू का साथ मिलता है तो दूसरी तरफ दुर्ग में युवाओं में ख़ास पकड़ रखने वाले जयंत देशमुख जो अहमद चौहान के करीबी है साथ मिलने से जंग एक तरफ़ा हो जायेगी . किन्तु कहते है ना कि राजनीती में रोज स्थिति बदलती रहती है . अब सभी को इंतज़ार है अंतिम लिस्ट का ....