Print this page

कोटमी क्षेत्र में रेत का अवैध खनन जानकारी के बाद भी आखिर खनिज निरीक्षक क्यों है मौन ?

  • doing of business

दुर्ग /शौर्यपथ/

दुर्ग जिला मुख्यालय से लगे हुए ग्राम पीपरछेडी में रेत खदान की अनुमति खनिज विभाग द्वारा दी गयी है जिसमे शर्तो के अनुसार साधारण रेत का परिवहन व खनन करने की बात सामने आयी है किन्तु पीपरछेडी खदान के नाम से ठेकेदार द्वारा बगल के ग्राम कोटमी के क्षेत्र से बिना अनुमति अवैधानिक तरीके से रेत का अवैध खनन बदस्तूर जारी है . बता दे कि यहाँ ठेकेदार द्वारा पीपरछेडी खेत्र में नदी में जेसीबी मशीन एवं कोटमी क्षेत्र में जेसीबी मशीन उतार कर दिन रात रेत का खनन किया जा रहा है .
रेत खन्ना के इस कार्य में रायल्टी की बात करे तो उक्त ठेकेदार द्वारा रायल्टी की भी बड़ी चोरी सामने आयी है . शासन के नियमानुसार रायल्टी की पर्ची हर बार रेत परिवहन करने वालो को कटानी पड़ती है किन्तु यहाँ भी ठेकेदार द्वारा रायल्टी पर्ची में भी खुल कर हेरा फेरी की जा रह है . प्रतिदिन कई ट्रक रेत निकलने के बाद भी रायल्टी पर्ची ना काटकर शासन के राजस्व की चोरी की जा रही है .
इस बारे में जब शौर्यपथ की टीम ने परिवहन करने वाले वहां के चालाक से रायल्टी पर्ची के बारे में जानकारी चाही तो चालक द्वारा जो रायल्टी पर्ची दिखाई गयी वह 01/05/2022 की पर्ची नंबर 1829818 एवं 11/05/2022 की परिवहन की पर्ची का 1829819 अगर रायल्टी पर्ची में ही इतना बड़ा फेर है तो सोंचिये 10 दिनों में बिना रायल्टी के कितनी गाडिय़ा रेत का परिवहन कर शासन के राजस्व का नुक्सान कर चुकी है .
बड़ी बात यह है कि इन सब तथ्यों की जानकारी खनिज निरीक्षक दीपक तिवारी को 4 दिनों पहले ही दे दी गयी किन्तु उनके द्वारा ना ही ठेकेदार पर किसी तरह की कोई कार्यवाही हुई और ना ही कोटमी क्षेत्र से अवैध खनन का काम रुका . कार्यवाही के बारे में खनिज निरीक्षक दीपक तिवारी से जब जानकारी चाही गयी तो उनके द्वारा जानकारी प्राप्त हुई कि एक वाहन पर रायल्टी मामले पर कार्यवाही की बात कही गयी जबकि रायल्टी पर्ची से ही यह स्पष्ट नजर आ रहा है कि ठेकेदार शासन को कितना राजस्व का नुकसान पहुंचा रहा है और खीज अधिकारी द्वारा किस तरह मामले की जानकारी होने के बाद भी दिखावे की कार्यवाही की जा रही है . जिससे इस अंदेशे को बल मिल रहा है कि कही ना कही खनिज अधिकारी भी इस अवैधानिक कार्य में सहभागी है .
अब देखना यह है कि खनिज विभाग के उच्च अधिकारी मामले को संज्ञान में लेकर कोई कड़ी कार्यवाही करते है या उनका भी मौन समर्थन खनिज निरीक्षक के साथ रहता है . बता दे कि अवैध खनन के मामले में मुख्यमंत्री का स्पष्ट आदेश कार्यवाही का होने के बाद भी मुख्यमंत्री के गृह जिले में विभागों द्वारा आँख बंद रखना कब तक मुख्यमंत्री की नजर में रहेगा .

Rate this item
(0 votes)
PANKAJ CHANDRAKAR

Latest from PANKAJ CHANDRAKAR