दुर्ग / शौर्यपथ / लोकनायक जयप्रकाश नारायण स्मारक प्रतिष्ठान आचार्य नरेंद्र देव स्मृति जन अधिकार अभियान समिति और चंद्रशेखर फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में भूतपूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चंद्रशेखर की 15 वीं पुण्यतिथि का आयोजन शुक्रवार को एचएससीएल कॉलोनी रुआबांधा स्थित कार्यालय में किया गया। इस अवसर पर श्वर्तमान राजनीतिक माहौल और स्वर्गीय चंद्रशेखर की वैचारिक प्रासंगिकता विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री बदरुद्दीन कुरैशी छत्तीसगढ़ शासन थे।
आयोजन की शुरुआत में स्वर्गीय चंद्रशेखर के चित्र पर माल्यार्पण कर दो मिनट का मौन रख उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। वहीं हाल ही में दिवंगत हुए बिहार सरकार के पूर्व मंत्री व आपातकाल में जयप्रकाश नारायण के आंदोलन में सक्रिय रहे नरेंद्र सिंह को श्रद्धांजलि दी गई। उपस्थित लोगों ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी कामना की। स्वर्गीय चंद्रशेखर को याद करते हुए मुख्य अतिथि बदरुद्दीन कुरैशी ने कहा कि भारतीय राजनीति युवा तुर्क नेता के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले स्वर्गीय चंद्रशेखर का व्यक्तित्व क्रांतिकारी था और उनकी विचारधारा प्रगतिशील थी।
स्वर्गीय चंद्रशेखर के पास हमेशा ही नया विचार होता था एवं उन्होंने शक्ति एवं धन की राजनीति को दरकिनार कर सामाजिक बदलाव और लोकतांत्रिक मूल्यों की राजनीति पर जोर दिया। सुयोग्य राजनेताओं में शुमार उनके वक्तव्य को संसद में पक्ष.विपक्ष बेहद ध्यान से सुनते थे। वे राजनीति के लिए नहीं बल्कि देश की उन्नति की राजनीति हेतु कार्य करने में विश्वास रखते थे। आज भी होते तो निश्चित रूप से देश की राजनीति अलग होती।
विशेष अतिथि के रुप में रिसाली नगर निगम के सभापति केशव बंछोर ने कहा कि स्वर्गीय चंद्रशेखर का व्यक्ति को आज भी युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत है उनसे सीखने की हमेशा जरूरत बनी रहेगी। उनकी राजनीति मूल्यों की होती थी। इस अवसर पर बीएन सिंह ने कहा कि स्वर्गीय चंद्रशेखर राजनीति के पुरोधा थे।
आज के राजनीतिक माहौल में उनके जैसे व्यक्तित्व की कमी महसूस होती है। त्रिलोकी मिश्रा ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि युवा तुर्क भूतपूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चंद्रशेखर का राजनीतिक व्यक्तित्व और उनकी प्रगतिशील सोच की प्रासंगिकता हमेशा बनी रहेगी। आज जब की राजनीति दूषित होती जा रही है ऐसे में स्वर्गीय चंद्रशेखर के आदर्श हम सब के लिए प्रेरणा स्रोत होंगे।
प्रतिष्ठान के अध्यक्ष आरपी शर्मा ने अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के साथ अपने 45 वर्षों के संबंधों को याद किया। उन्होंने कहा कि आज के राजनीतिक परिस्थितियों में उनकी कमी बहुत खलती है। वे हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों की राजनीति में विश्वास रखते थे उनके वक्तव्य संसद में पक्ष और विपक्ष दोनों के लिए मार्गदर्शन का काम करते थे। इस अवसर पर रिसाली नगर निगम के पार्षद जहीर अब्बास, सनीर साहू, शमशेर आलम, अरविंद कुमार यादव, नंदकिशोर, कपिल देव, मदन प्रसाद, एलके वर्मा, सत्यनारायण गुप्ता और श्याम मनोहर सिंह सहित अनेक लोग उपस्थित थे।