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शासन की योजनाओं से जुड़कर आर्थिक स्वालंबन की ओर महिला समूहों के बढ़ते कदम

शासन की योजनाओं से जुड़कर आर्थिक स्वालंबन की ओर महिला समूहों के  बढ़ते कदम शासन की योजनाओं से जुड़कर आर्थिक स्वालंबन की ओर महिला समूहों के बढ़ते कदम
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   दुर्ग / शौर्यपथ / महिलाओं को सशक्त बनाने स्वास्थ्य-शिक्षा के साथ-साथ उन्हें व्यावसायिक अवसर देने, उन्हें आर्थिक रूप से संपन्न बनाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने महिलाओं को अधिकार संपन्न बनाने व उनके स्वावलंबन की नीति अपनाई है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर महिलाओं की रचनात्मक क्षमता को बढ़ाने के साथ उनकी सृजन क्षमता को स्थानीय संसाधनों के साथ जोड़ा गया है। गौठानों में स्व सहायता समूह की महिलाएं विभिन्न आजीविका मूलक गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत महिलाओं को समूह के रूप में गठित कर रोजगार से जोड़े जाने की अति महत्वाकांक्षी योजना है। महिलाएं समूह से जुड़ कर सफलता की नयी कहानियां लिख रहीं है, तथा अपने सपने का पंख दे कर नयी उड़ान के लिए तैयार है। इसी कड़ी में महमरा में मॉ परमेश्वरी स्व सहायता समूह द्वारा मसाला उद्योग का संचालन किया जा रहा है। जिसमें हल्दी, धनिया, मिर्च, गरम मसाला, बेसन के साथ खड़ा जीरा व सरसों का उत्पादन किया जा रहा है। स्व सहायता समूह की महिलाएं एक साल में एक लाख रुपये तक का मसाला निर्माण कर बेच चुकी हैं। स्व सहायता समूह द्वारा सी-मार्ट, छात्रावास, लोकल मार्केट, हाट बाजार, सुपर मार्ट अलावा समय-समय पर होने वाले उत्सव मेला, गोठान मेला, सरस मेला में विक्रय किया जाता है, गत तीन साल से यह कार्य किया जा रहा है।
   मॉ परमेश्वरी स्व सहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती पार्वती देवांगन ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री भुपेश बघेल की बिहान योजना के अंतर्गत स्व सहायता समूह की महिलाओं को बहुत लाभ हुआ। उन्होंने बताया कि वे अर्जित आय से कर्ज चुका रही है तथा गोठान के गतिविधियों के माध्यम से अतिरिक्त आय प्राप्त होने से जरूरत एवं अन्य सुविधाएं जुटाने में सहायता मिल रही है। इससे समूह को अच्छी आमदनी मिल रही है, उन्होंने व्यवसाय में सहयोग के लिए और समूह को बाजार उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को धन्यवाद ज्ञापित किया है।

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शौर्यपथ

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