अंशुदेव जबरिया लिख रहे प्रधान और कर रखे है कार्यालय पर कब्जा सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा नई दिल्ली ने भी बताया ,अवैधानिक और अंशुदेव को प्रधान लिखने पर किया आपत्ति
दुर्ग / शौर्यपथ / छग प्रांतीय आर्य प्रतिनिधि सभा के एक पक्ष अंशु देव द्वारा रायपुर में आयोजित महर्षि दयानंद सरस्वती जी की 200 वी जयंती एवं आर्य समाज का 150 स्थापना दिवस तथा छग के भामा शाह तुलाराम आर्य परगनिहा का प्राकटय दिवस एक सुरता कार्यक्रम कराना और अपने राजनैतिक लाभ के लिए मुख्यमंत्री सहित छग शासन के अन्य मंत्रियों को बुलाने के मामले को दूसरे पक्ष ने अवैधानिक बताया है। एक पत्रकार वार्ता लेकर छग प्रांतीय आर्य प्रतिनिधि सभा के मंत्री अवनी भूषण पुरंग एवं रवि आर्या ने बताया कि गत 18 अप्रैल 2022 को एक नैमित्तिक साधारण सभा आयोजित की गई थी जिसमें अंशु देव के खिलाफ सभा की नियमावली अर्थात संविधान के दायरे से बाहर खर्च करने, आर्थिक अनियमितता करने, प्रधान द्वारा खर्च किये गये सभा के धन का हिसाब बार बार मांगने पर भी नही देने और आर्य समाज के नियम उप नियमों का पालन न करते हुए आर्य मर्यादा का उल्लंघन करने के कारण अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया जिसे पर्याप्त चर्चा के पश्चात सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया।
इस प्रकार अंशु देव आर्य 18 अप्रैल 2022 से स्वयंमेय पदच्युक्त हो गया। इस बैठक में हमारे अंतर्राष्ट्रीय संस्था सार्वदेशिकआर्य प्रतिनिधि सभा दिल्ली के प्रतिनिधि आचार्यवाची निधि भी उपस्थित थे जिसके संरक्षण में नैमित्तिक सभा की कार्यवाही हुई और नया चुनाव कराने का निर्णय लिया इसके अनुपालन में छग प्रांतीय आर्य प्रतिनिधि सभा का नये सत्र का निर्वाचन 24 जुलाई 2022 को हुआ जिसमें 30 लोगों की नयी कार्यकारिणी का चुनाव हुआ जिसमें राम कुमार पटेल को प्रधान, अवनी भूषण पुरंग को मंत्री, जगबंधु आर्य कोषाध्यक्ष के रूप में निर्वाचित हुए जिनका कार्यकाल आगामी 23 जुलाई 2025 तक है। नये कार्यकारिणी के चुनाव के बाद भी अशुं देव कार्यालय पर कब्जा जमाकर बैठे है और आर्थिक अनियमितता कर रहे है। श्री पुरंग ने आगे बताया कि अुशं देव ने एक एक साल में 70-70 लाख रूपये यानि की दो साल में 1 करोड़ 40 लाख रूपये का गड़बड़ी किये है। छग प्रांतीय आर्य प्रतिनिधि सभा का 600 एकड़ कूषि भूमि है वे इसका अन्न बेचकर वहां के मैनेजर को धमका कर राशि को बैंक में नही डालने देते है और उस राशि को स्वयं नगद लेते है।
इसके अलावा 150 दुकाने है जिसका किराया आता है। श्री पुरंग ने आगे बताया कि हाईकोर्ट ने भी पंजीयक को आदेश दिया है कि वे चार महिने में इस मामले का निराकरण कर वैध पदाधिकारियों की सूची दे। श्री पुरंग ने आगे कहा कि अंश देव द्वारा कराये जा रहे कार्यक्रम पर समाज के सभी 99 सभाओं द्वारा भी अनुचित घोषित किया गया है। इस दौरान श्री पुरंग और रवि आर्या ने सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा नई दिल्ली का लेटर भी प्रस्तुत करते हुए कहा कि प्रधान सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा द्वारा छग प्रांतीय आर्य प्रतिनिधि सभा के पूर्व मंत्री दीनानाथ वर्मा को पत्र लिखकर कहा गया है कि अंशुदेव आर्य द्वारा जो उक्त कार्यक्रम कराया जा रहा है उसकी ना तो मुझसे कोई चर्चा की गई है और ना ही मेरी जानकारी में यह आया था। अंशुदेव स्वयं को छग प्रांतीय आर्य प्रतिनिधि सभा का प्रधान लिख रहे है, यह अनुचित है। आपकी प्रांतीय सभा की साधारण सभा ने 18 अप्रैल 2022 को अंशुदेव के खिलाफ पूर्ण बहुतम से प्रस्ताव पास कर उन्हें प्रधान पद से निलंबित कर दिया गया है और आपकी सभा ने 24 जुलाई 2022 को डॉ. रामकुमार पटेल को सभा का प्रधान चुना है तथा निवनिर्वाचित कार्यकारिणी के गठन का निराकरण उच्च न्यायालय के आदेशानुसार रजिस्टार फर्म एण्ड सोयायटी रायपुर द्वारा करना है। इसी स्थिति में अंशु देव द्वारा कराया जा रहा कार्यक्रम पूर्णत: अवैधानिक है। पत्रकारवार्ता में रामनिवास गुप्ता सहित अन्य कई पदाधिकारी उपस्थित थे।