दुर्ग / शौर्यपथ / उत्तर प्रदेश के महंत यति नरसिंहानंद के हालिया बयान ने एक बार फिर समाज में भारी अशांति और नफरत का माहौल पैदा कर दिया है. इस बार, उन्होंने पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ टिप्पणी की है. यह बयान केवल मुस्लिम समुदाय को आहत करने वाला नहीं, बल्कि भारतीय समाज की सांप्रदायिक सद्भावना के लिए भी एक गंभीर खतरा है. मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के जिलाध्यक्ष (दुर्ग ) खालिक रिजवी ने नरसिंहानंद के इस बयान की कड़ी निंदा की है और इसे एक संगठित प्रयास बताया है जिसका मकसद समाज में विभाजन और नफरत फैलाना है.
बता दे कि मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने घोषणा की है कि देशभर में यति नरसिंहानंद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और इसके लिए एक राष्ट्रीय अभियान चलाया जाएगा ताकि ऐसे घृणास्पद बयान देने वालों को कानूनी रूप से रोका जा सके.
मंच की ऑनलाइन बैठक में राष्ट्रीय संयोजक, प्रकोष्ठों के संयोजक, प्रांतीय और क्षेत्रीय समोजक एवं सह संयोजकों समेत लगभग 100 कार्यकर्ताओं ने शिरकत की. बैठक में मोहम्मद अफजाल, विराग पचपोर, डॉक्टर शाहिद अख्तर, सैयद रजा हुसैन रिजवी, अबू बकर नकवी आदि शामिल रहे. बैठक के बाद राष्ट्रीय संयोजक एवं मीडिया प्रभारी शाहिद सईद ने कहा, हमारे कार्यकर्ता देश के हर हिस्से में यति नरसिंहानंद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगे. यह नफरत भरी बयानबाजी केवल मुसलमानों के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरे देश के खिलाफ है. मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय संयोजक डॉक्टर शाहिद अख्तर ने यति नरसिंहानंद के बयान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा, ऐसे अपमानजनक बयान सिर्फ मुसलमानों को ही नहीं, बल्कि पूरे भारतीय समाज की साझी संस्कृति को ठेस पहुंचाते हैं. नफरत फैलाने वाले व्यक्तियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह के बयान देने की हिम्मत न कर सके. उन्होंने कहा, धर्म के नाम पर किसी भी व्यक्ति को समाज में जहर घोलने का अधिकार नहीं है. हम इस घृणित मानसिकता के खिलाफ तब तक संघर्ष करेंगे जब तक न्याय नहीं मिल जाता.