दुर्ग / शौर्यपथ / कहते है इश्वर की मर्जी के बिना कुछ नहीं होता जो ईश्वर चाहता है वही होता है ऐसा ही नजारा विजयादशमी को दुर्ग के पदमनाभपुर पीसीसी स्टेडियम में देखने को मिला । पीसीसी स्टेडियम में पिछले 23 वर्षो से रावण दहन का आयोजन न्यू रुण खेल समिति द्वारा किया जाता रहा है इस वर्ष भी यह आयोजन हुआ किन्तु इस वर्ष आयोजन में रामलीला में राम का स्वरुप धारण किये हुए प्रभु राम के द्वारा रावण का वध नहीं हुआ और आम जनता अभी कार्यक्रम का लुफ्त उठा ही रही थी कि अचानक रावण का विशालकाय स्वरुप जलने लगा जनता ने तो रावण दहन का लुफ्त उठाया किन्तु आयोजक अचंभित हो गए क्योकि दहन के दौरान मुख्य अतिथि का उद्बोधन चल ही रहा था . आयोजको द्वारा हुई इस घटना की असलियत सामने आई दरअसल आतिशबाजी के दौरान एक चिंगारी रावण के पुतले पर लगी और अहंकारी रावण का अंत हुआ .