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भिलाई जयंती स्टेडियम में श्री हनुमंत कथा: 'अभी नहीं तो कभी नहींÓ का उद्घोष, हिंदू एकता से बनेगा हिंदू राष्ट्र!

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दुर्ग भिलाई (शौर्यपथ )

भिलाई के जयंती स्टेडियम में श्री हनुमंत कथा और दिव्य दरबार का भव्य पांच दिवसीय आयोजन गुरुवार से प्रारंभ हो गया। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज भिलाई पहुंचे, जहां उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिंदू एकता, राष्ट्रवाद और सनातन धर्म की रक्षा का प्रबल संदेश दिया।
सनातन धर्म के ध्वजवाहक बाबा बागेश्वर धाम ने अपने चिरपरिचित अंदाज में कहा कि हिंदुओं को जोडऩा, हनुमान जी की भक्ति जगाना और राष्ट्रवाद की जागृति यदि किसी को 'अंधभक्तिÓ लगे, तो उन्हें देश छोड़ देना चाहिए।यह आयोजन 25 से 29 दिसंबर तक चलेगा, जिसमें 27 दिसंबर को विशेष रूप से देवी दरबार का आयोजन होगा।
आयोजको द्वरा सुबह 10 बजे सिविक सेंटर चौक से कलश यात्रा प्रारंभ हुई , जिसमें मातृ शक्तियां पीला वस्त्र धारण कर कलश सजाया गया । प्रथम दिवस की कथा में लाखों श्रद्धालुओं के सम्मिलित हुए , जिन्होंने हनुमान भक्ति में डूबकर आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त की ।
पंडित धीरेंद्र शास्त्री का प्रेस कॉन्फ्रेंस:
हिंदू एकता का अलख जगाया -प्रेस कॉन्फ्रेंस में पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने बांग्लादेश में हिंदू युवक को जिंदा जलाए जाने की घटना का जिक्र करते हुए चेतावनी दी कि भारत के सनातनियों को कान खोलकर सुन लेना चाहिए—बांग्लादेश में हिंदू होना अपराध है, तो भारत में भी वह दिन दूर नहीं। उन्होंने जोरदार अपील की, "अभी नहीं तो कभी नहीं!" यही समय है जब हिंदू एकजुट होकर हिंदू राष्ट्र बनाएं। बाबा ने स्पष्ट कहा कि जब तक भारत हिंदू राष्ट्र न बनेगा, उनकी यात्रा जारी रहेगी। जातिवाद को त्यागकर राष्ट्रवाद से ही देश की उन्नति होगी।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के अंधविश्वास वाले बयान पर बाबा बोले, "हम नेता नहीं, संत हैं। जिन्हें हिंदू धर्म में विश्वास न हो, उन्हें यहां रहने की जरूरत नहीं।" छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण के तीन प्रमुख कारण—आर्थिक तंगी, अशिक्षा और अंधविश्वास—को समाप्त करने का संकल्प दोहराते हुए उन्होंने पदयात्रा की घोषणा की, जिसकी तैयारी पूरी हो चुकी है।
सुरक्षा और व्यवस्थाएं: 600 पुलिसकर्मी, ड्रोन और सीसीटीवी से किलेबंदीसुरक्षा के मद्देनजर दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल के निर्देश पर जयंती स्टेडियम में 600 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं। सीसीटीवी, ड्रोन कैमरों और विशेष मॉनिटरिंग कक्ष से पूर्ण निगरानी सुनिश्चित की गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु सफाई, पार्किंग, भोजन और अन्य व्यवस्थाएं पूर्ण हैं।
आयोजक राकेश पांडेय ने अपील की कि सभी अनुशासित भाव से भाग लें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।यह कथा न केवल धार्मिक, अपितु सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का प्रतीक बनेगी, जो छत्तीसगढ़वासियों के हृदय में हनुमान भक्ति की ज्योति प्रज्वलित करेगी।

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