27% ओबीसी आरक्षण सहित 28 सूत्रीय मांगों पर ओबीसी महासभा जिला इकाई दुर्ग का ज्ञापन
दुर्ग/पाटन।
अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक हितों के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से ओबीसी महासभा जिला इकाई दुर्ग द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए माननीय मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
यह ज्ञापन प्रदेश अध्यक्ष ओबीसी महासभा श्री राधेश्याम साहू के निर्देशानुसार, माननीय तहसीलदार महोदय पाटन के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। ज्ञापन में छत्तीसगढ़ राज्य में लंबित 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण को तत्काल प्रभाव से लागू करने सहित कुल 28 बिंदुओं पर आधारित मांगें रखी गईं।
जनकल्याणकारी योजनाओं में समानुपातिक हिस्सेदारी की मांग
ज्ञापन में यह प्रमुख रूप से उल्लेख किया गया कि अन्य पिछड़ा वर्ग को केंद्र एवं राज्य शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं में उनकी जनसंख्या के अनुपात में समुचित हिस्सेदारी प्रदान की जाए, जिससे सामाजिक न्याय की अवधारणा को साकार किया जा सके।
इनके नाम रहा संबोधित ज्ञापन
ज्ञापन की प्रतिलिपि—
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माननीय प्रधानमंत्री भारत सरकार,
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माननीय गृह मंत्री भारत सरकार,
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माननीय मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन, तथा
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महामहिम राज्यपाल छत्तीसगढ़
के नाम भी प्रेषित की गई है।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित
इस अवसर पर ओबीसी महासभा जिला दुर्ग के जिलाध्यक्ष श्री भानु प्रताप यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं समाजजन उपस्थित रहे, जिनमें—
अधिवक्ता रेखराम साहू, ओमप्रकाश यादव, हीरालाल, राहुल यादव, दीपक कुमार यादव, पीताम्बर साहू, योगेश कुमार, चोवाराम, विजय मेश्राम, रमन साहू, शिवकुमार सोनवानी, नंदू वर्मा, सुरेश सिंगोर, वागेस वासा, शंकर, इंदा, हिमांशी नायक सहित अन्य कार्यकर्ता एवं समाज के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
ओबीसी समाज के अधिकारों को लेकर सतत संघर्ष
जिलाध्यक्ष भानु प्रताप यादव ने कहा कि ओबीसी समाज के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा एवं उन्हें उनका वास्तविक हक दिलाने के लिए महासभा का संघर्ष निरंतर और संगठित रूप से जारी रहेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि शासन स्तर पर शीघ्र ही सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।