भिलाई। छत्तीसगढ़ में सामने आए कथित धान घोटाले को लेकर कांग्रेस ने सोमवार को भिलाई में बेहद अनोखे, व्यंग्यात्मक और राजनीतिक रूप से तीखे अंदाज़ में विरोध दर्ज कराया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी नर्सिंग नाथ के नेतृत्व में निकाली गई “चूहा सम्मान रैली” ने पूरे शहर का ध्यान खींच लिया। शाम करीब 4:30 बजे शुरू हुई यह रैली सरकार पर निशाना साधने के साथ-साथ भ्रष्टाचार के आरोपों को जनता के सामने प्रतीकात्मक तरीके से रखने का माध्यम बनी।
करीब 2 किलोमीटर लंबी पदयात्रा राजेंद्र प्रसाद चौक से शुरू होकर सुपेला घड़ी चौक तक निकाली गई। रैली में भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव, जिला व ब्लॉक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पार्षद और सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार करोड़ों रुपये के धान नुकसान की जिम्मेदारी “चूहों” पर डालकर असली दोषियों को बचाने की कोशिश कर रही है।
रैली के दौरान व्यंग्यात्मक अंदाज़ में “सबसे ज्यादा धान खाने वाले चूहों” के नामों की घोषणा कर उन्हें प्रतीकात्मक सम्मान दिया गया। कांग्रेस ने कवर्धा जिले के चूहे को प्रथम, महासमुंद को द्वितीय, गोरिल्ला जिले को तृतीय, जबकि बेमेतरा जिले के चूहे को सांत्वना पुरस्कार देने की घोषणा की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह व्यंग्य दरअसल उस सरकारी तर्क पर करारा प्रहार है, जिसमें करोड़ों रुपये के धान के नुकसान को चूहों की करतूत बताया जा रहा है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि “भ्रष्टाचार छुपाने के लिए चूहों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है।” उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में सरकारी तंत्र भ्रष्टाचार में लिप्त है और जब सवाल उठते हैं, तो जवाबदेही तय करने के बजाय हास्यास्पद बहाने गढ़े जाते हैं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि चूहों ने धान खाकर “विश्व रिकॉर्ड” बना दिया है, इसलिए कांग्रेस ने उन्हें सम्मानित करने का फैसला किया।
विधायक देवेंद्र यादव ने कहा कि जनता इतनी भोली नहीं है कि एक जिले में 7 करोड़ और दूसरे जिले में 5 करोड़ रुपये का धान चूहों द्वारा खा जाने की कहानी पर विश्वास कर ले। उन्होंने इसे गरीब किसानों के साथ धोखा बताते हुए कहा कि यह रैली सरकार के झूठ और भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए निकाली गई है, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके।
रैली के समापन पर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने छावनी एसडीएम हेमंत पिज्जा को ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच, दोषियों के नाम सार्वजनिक करने और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस मामले में पारदर्शिता नहीं दिखाई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
इस विरोध प्रदर्शन में अरुण सिंह सिसोदिया, अतुल साहू, गिरवर बंटी साहू, संदीप निरंकारी, ब्लॉक अध्यक्ष जी. राजू, गुड्डू खान, सौरभ दत्ता, दिनेश पटेल, केशव चौबे, लालचंद वर्मा, आदित्य सिंह, अंजू सिन्हा, राजेश साहू, फ़ारूक़ खान, संजीत चक्रवर्ती, मो. रफ़ीक़ खान, आनंद डोंगरे, रज़ा सिद्धकी सहित बड़ी संख्या में जिला, ब्लॉक और मोर्चा संगठनों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कांग्रेस ने साफ किया कि यह आंदोलन सिर्फ एक प्रतीक नहीं, बल्कि किसानों के हक, पारदर्शिता और जवाबदेही की लड़ाई है, जो जरूरत पड़ने पर प्रदेशभर में और व्यापक रूप ले सकती है।