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गुरु रविदास जयंती को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी तेज, रायपुर में फरवरी में होगा राज्य स्तरीय विशाल महासम्मेलन

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भिलाई। संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की जयंती को छत्तीसगढ़ में भव्य और ऐतिहासिक स्वरूप देने की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ सर्व रविदास समाज की राज्य स्तरीय महत्वपूर्ण बैठक 18 जनवरी 2026 को फेडरेशन भवन, सेक्टर-4, भिलाई में सफलतापूर्वक आयोजित की गई, जिसमें फरवरी 2026 के प्रथम सप्ताह में रायपुर में प्रस्तावित राज्य स्तरीय विशाल जयंती महासम्मेलन की रूपरेखा तय की गई।

बैठक की अध्यक्षता संस्था के प्रदेश अध्यक्ष प्रो. डॉ. के. एल. तांडेकर ने की, जबकि संयोजन श्री बालाराम कोलते ने किया। ऑल PSU एससी/एसटी फेडरेशन के चेयरमैन श्री सुनील रामटेके मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि 1 फरवरी 2026 (माघ पूर्णिमा) को संत शिरोमणि रविदास महाराज की जयंती के अवसर पर रायपुर में आयोजित महासम्मेलन में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री रामदास आठवले, अन्य केंद्रीय नेता तथा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सहित राज्य मंत्रिमंडल को आमंत्रित किया जाएगा।

बैठक में यह भी तय किया गया कि महासम्मेलन के दौरान प्रदेश की महिला एवं युवा इकाई का गठन किया जाएगा, जिससे समाज की महिलाएं और युवा संगठित होकर संत रविदास महाराज के समानता, भक्ति, सामाजिक न्याय और मानवता के संदेश को आगे बढ़ा सकें। कार्यक्रम को सामाजिक समरसता और समाज के सशक्तिकरण का बड़ा मंच बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

इस राज्य स्तरीय बैठक में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए, जिनमें आर. पी. लांजकर (कन्नौज सर), आशा मनघटे, आरती मराठे, अशर्फी देवी, चौहान मैडम सहित नारी शक्ति प्रतिनिधि, पारस झाड़े, बलराम कोलते, महेश चौहान, पुरुषोत्तम मालेकर, हरिश्चंद्र टांडेकर, महेश चंद्र कटारे, रोशनी भोंडेकर, देवेंद्र चौहान, गांधी तनय, रामदास मालेकर, राहुल बर्वे, प्रवीण चौहान, राम प्रकाश आनंद हटीले, कवर्धा से रामकुमार व संतुराम लहरी तथा रायपुर जिला अध्यक्ष कुंभारे अपनी टीम के साथ प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

बैठक में सर्वसम्मति से यह संकल्प लिया गया कि प्रस्तावित महासम्मेलन समाज की एकता, भाईचारे और संगठनात्मक मजबूती का ऐतिहासिक उदाहरण बनेगा। उपस्थित सभी प्रतिनिधियों ने समाज के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज के जीवन दर्शन, समता और सामाजिक न्याय के विचारों को अपनाने की अपील की।

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