Print this page

मजदूर दिवस पर श्रुति फाउंडेशन का आत्मीय प्रयास: देश के शिल्पकारों का हुआ भव्य सम्मान

  • rounak group

दुर्ग। राष्ट्र निर्माण की नींव में अपना पसीना बहाने वाले 'श्रमयोगियों' के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने हेतु श्रुति फाउंडेशन छत्तीसगढ़ द्वारा अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर एक गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। दुर्ग के गायत्री मंदिर (वार्ड–25) स्थित सामुदायिक भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में संस्था ने मेहनतकश मजदूर भाई-बहनों को उपहार एवं मिष्ठान भेंट कर उनके समर्पण को सलाम किया।

कठिन परिश्रम को कृतज्ञता का नमन

इस कार्यक्रम का मुख्य ध्येय उन श्रमिकों के प्रति सम्मान व्यक्त करना था, जो चिलचिलाती धूप और विपरीत परिस्थितियों की परवाह किए बिना समाज और देश के विकास चक्र को गतिमान रखते हैं। संस्था का मानना है कि हर ईंट और हर निर्माण के पीछे एक मजदूर के सपनों और संघर्ष की कहानी छिपी होती है।

नेतृत्व के विचार: "मजदूर राष्ट्र की रीढ़"

संस्था की संस्थापिका एवं अध्यक्ष नीतू श्रीवास्तव ने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए भावुक स्वर में कहा:

"मजदूर हमारे समाज की असली रीढ़ हैं। उनके पसीने की हर बूंद से राष्ट्र की प्रगति की इबारत लिखी जाती है। उनके सम्मान और सहयोग के बिना किसी भी विकसित समाज की कल्पना करना असंभव है। हमारा यह लघु प्रयास उनके असीम योगदान के प्रति एक विनम्र कृतज्ञता है।"

वहीं, कार्यक्रम की प्रभारी और वार्ड–25 की पार्षद व संस्था अध्यक्ष मनीष सोनी ने अपने उद्बोधन में जोर देते हुए कहा कि मजदूरों का सम्मान हमारे संस्कारों का अभिन्न अंग है। हमें सदैव उनके परिश्रम की कद्र करनी चाहिए और उनके जीवन को सुगम बनाने हेतु तत्पर रहना चाहिए।

इनकी रही गरिमामय उपस्थिति

आयोजन को सफल बनाने में संस्था के मार्गदर्शकों और सदस्यों का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर मुख्य रूप से:

संरक्षक: अंजन राय चौधरी

वरिष्ठ सदस्य: प्रीति खरे, साधना चौधरी, रूपलता साहू, अनुपम जैन

सहयोगी: शैलेश वर्मा, सीमा गुप्ता, रानी साहू, संगीता देवांगन, रानी भाटिया

सभी अतिथियों ने मजदूरों के साथ खुशियाँ साझा कीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के अंत में श्रमिकों के चेहरों पर खिली मुस्कान ने इस आयोजन की सार्थकता को सिद्ध कर दिया।

श्रुति फाउंडेशन छत्तीसगढ़: सेवा, समर्पण और सम्मान का संकल्प।

Rate this item
(0 votes)
शौर्यपथ

Latest from शौर्यपथ