दुर्ग / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम दुर्ग द्वारा इस वर्ष का भव्य सावन मेला छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक सहभागिता का अनूठा उत्सव बनने जा रहा है। महापौर अलका बाघमार के मार्गदर्शन में सांस्कृतिक पर्यटन, मनोरंजन एवं विरासत संरक्षण समिति की प्रभारी हर्षिका संभव जैन की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मेले की तैयारियों को अंतिम रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि इस बार सावन मेले को पहले से अधिक आकर्षक, व्यवस्थित और जनभागीदारी से परिपूर्ण बनाया जाएगा।
समिति ने निर्णय लिया कि मेले में केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। स्थानीय कलाकारों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए विभिन्न सांस्कृतिक एवं पारंपरिक प्रतियोगिताओं का मंच उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए कार्यक्रमों की तिथियां, आयोजन स्थल, पंजीयन प्रक्रिया और व्यवस्थाओं की विस्तृत कार्ययोजना शीघ्र तैयार की जाएगी।
लोक संस्कृति और पारंपरिक खेल होंगे मुख्य आकर्षण
सावन मेले में पारंपरिक खेलों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी, जिनमें फुगड़ी, रस्सीकूद, रस्साकशी, कंची दौड़, मटका फोड़ तथा दौड़ प्रतियोगिताएं शामिल रहेंगी। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए अरसा, ठेठरी-खुर्मी, फरा और चीला जैसे पारंपरिक व्यंजनों की प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।
मेले में छत्तीसगढ़ी वेशभूषा प्रतियोगिता, छत्तीसगढ़ी मॉडलिंग, लोक गायन प्रतियोगिता तथा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। समिति का उद्देश्य स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है।
'सावन मेला हमारी संस्कृति का उत्सव है'
समिति की प्रभारी हर्षिका संभव जैन ने कहा कि सावन मेला केवल मनोरंजन का आयोजन नहीं, बल्कि हमारी लोक संस्कृति, परंपराओं और विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सभी समिति सदस्यों से समन्वय, सक्रिय सहभागिता और बेहतर व्यवस्थाओं के साथ आयोजन को सफल एवं यादगार बनाने का आह्वान किया।
बैठक में पार्षद विद्यावती सिंह, मनीष कोठारी, युवराज कुंजाम, लोकेश्वरी ठाकुर, शरद निर्मलकर, रामचंद सेन, लिपिक लता यादव, विकल निर्मलकर सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी सदस्यों ने आयोजन को भव्य बनाने के लिए अपने सुझाव दिए तथा विभिन्न व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की।