कोर्ट के आदेश पर उतई थाना पुलिस ने दर्ज किया मामला, धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र की धाराएं लगाई गईं
दुर्ग/भिलाई। करीब 4 करोड़ 39 लाख 50 हजार रुपये की कथित भूमि धोखाधड़ी के मामले में न्यायालय के आदेश पर उतई थाना पुलिस ने भिलाई नगर निगम की महिला पार्षद रीता सिंह, उनके पति रमेश चंद्र सिंह राजपूत तथा मानव चंद सिंह के विरुद्ध अपराध दर्ज किया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(2), 318(3), 318(4), 338, 336(3) एवं 340 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी है। मामला न्यायालय में प्रस्तुत परिवाद पर सुनवाई के बाद दर्ज किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, परिवादी बी.बी. सिंह ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने ग्राम घोंटा, तहसील पाटन, जिला दुर्ग स्थित विभिन्न खसरा नंबरों की भूमि का विक्रय करने का अनुबंध किया। इनमें निजी भूमि के साथ-साथ दान भूमि (इकरारित भूमि) तथा एक हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर और भारत बेंज टिपर ट्रक जैसी चल संपत्तियां भी शामिल थीं। 29 जनवरी 2024 को हुए लिखित इकरारनामे के आधार पर परिवादी से करोड़ों रुपये प्राप्त किए गए।
शिकायत के अनुसार, सौदे के दौरान कुछ भूमि ऐसी बताई गई जो आरोपियों के स्वामित्व में ही नहीं थी, जबकि कुछ भूमि अन्य व्यक्तियों के नाम दर्ज थी। आरोप है कि इन तथ्यों को जानबूझकर छिपाया गया। इतना ही नहीं, परिवादी का यह भी आरोप है कि सौदे में शासकीय लीज भूमि को भी शामिल कर उसके हस्तांतरण का आश्वासन दिया गया, जबकि इसके लिए शासन की अनुमति आवश्यक थी।
परिवाद में यह भी उल्लेख किया गया है कि जब दस्तावेजों और स्वामित्व को लेकर सवाल उठाए गए तो आरोपियों ने बैंक से एनओसी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया, लेकिन वह आज तक प्रस्तुत नहीं किया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि तीनों आरोपियों ने एक राय होकर तथ्यों को छिपाते हुए उसे भ्रमित किया और बड़ी राशि प्राप्त कर आर्थिक नुकसान पहुंचाया।
समाचार पत्र में प्रकाशित जानकारी के अनुसार, विवादित संपत्तियों का सौदा 4 करोड़ 50 लाख रुपये में तय हुआ था, जिसमें से परिवादी द्वारा 4 करोड़ 39 लाख 50 हजार रुपये का भुगतान किए जाने का दावा किया गया है। न्यायालय के आदेश के पालन में उतई पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में दस्तावेजों, भूमि स्वामित्व और वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच की जा रही है।