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दुर्ग में स्वाइन फ्लू के 26 मामले, 10 एक्टिव मरीज :एक महीने में सामने आए संक्रमण के 26 प्रकरण; 7 मरीज अस्पताल में भर्ती, 3 होम आइसोलेशन में — स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

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   दुर्ग / शौर्यपथ / जिले में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और नियंत्रण की कार्रवाई तेज कर दी है। 5 अगस्त से 4 सितंबर 2026 तक जिले में स्वाइन फ्लू के कुल 26 पॉजिटिव प्रकरण सामने आए हैं। इनमें से वर्तमान में 10 मरीज एक्टिव हैं। सात मरीज अस्पताल में भर्ती होकर उपचार करा रहे हैं, जबकि तीन मरीजों को होम आइसोलेशन में रखा गया है।

कलेक्टर दुर्ग के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज वानी, जिला सर्वेलेंस अधिकारी (आईडीएसपी) डॉ. सी.बी.एस. बंजारे एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक (एनएचएम) सुश्री भूमिका वर्मा के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संक्रमण की निगरानी और नियंत्रण के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

पॉजिटिव मरीजों की कांटेक्ट ट्रेसिंग और मॉनिटरिंग

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में पॉजिटिव प्रकरण सामने आने के बाद मरीजों के संपर्क में आए लोगों की कांटेक्ट ट्रेसिंग की जा रही है। साथ ही संक्रमित मरीजों की नियमित स्वास्थ्य निगरानी भी की जा रही है, ताकि संक्रमण की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सके और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके।

क्या है स्वाइन फ्लू?

स्वाइन फ्लू श्वसन तंत्र से जुड़ा संक्रमण है, जो Influenza A वायरस के कारण होता है। इसका सामान्य इनक्यूबेशन पीरियड 1 से 2 दिन होता है। संक्रमित व्यक्ति में लक्षण शुरू होने के बाद लगभग 3 से 5 दिन तक संक्रमण फैलने की संभावना रहती है। इसका प्रसार मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने तथा ड्रॉपलेट संक्रमण के माध्यम से होता है।

इसके प्रमुख लक्षणों में सर्दी, खांसी, बुखार और बदन दर्द शामिल हैं।

खांसते-छींकते समय बरतें सावधानी

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को रुमाल, टिश्यू या कोहनी से ढंकने, बार-बार साबुन और पानी से हाथ धोने अथवा सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने की अपील की है। आंख, नाक और मुंह को बार-बार छूने से बचने तथा संक्रमित व्यक्ति से उचित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।

लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी स्वास्थ्य संस्था से संपर्क करने के साथ पर्याप्त आराम और नींद लेने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने तथा पौष्टिक भोजन करने की सलाह दी गई है। होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों को अपनी स्वास्थ्य स्थिति की नियमित निगरानी करने और हालत बिगड़ने पर तत्काल अस्पताल पहुंचने को कहा गया है।

डॉक्टर की सलाह के बिना दवा न लें

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बीमारी के लक्षण होने पर स्कूल, कार्यालय अथवा भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। अभिवादन के दौरान हाथ मिलाने और गले मिलने से भी परहेज करें। इसके अलावा डॉक्टर की सलाह के बिना किसी दवा का सेवन न करें।

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से कहा है कि घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन सतर्कता बेहद जरूरी है। स्वच्छता का पालन करें, संक्रमण से बचाव के उपाय अपनाएं और लक्षण दिखाई देने पर समय पर स्वास्थ्य संस्था से संपर्क करें। संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए आमजन से सहयोग की अपील की गई है।

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