दुर्ग। दूसरे वाहन के नंबर की कूटरचना कर अपने वाहन में फर्जी नंबर प्लेट लगाने और उसके कारण दूसरे वाहन मालिक के खाते से ट्रैफिक चालान एवं टोल टैक्स की राशि कटने के मामले में मोहन नगर पुलिस ने फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों रोहित कुमार कांकरिया (51) और अनूप रवलामी (55) को 20 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार मामले में थाना मोहन नगर में अपराध क्रमांक 600/2026 के तहत धारा 336(3), 340(2), 345(3) एवं 347(1) बीएनएस में अपराध दर्ज किया गया है।
ऐसे सामने आया मामला
पुलिस के मुताबिक 24 अगस्त 2026 को रायपुर निवासी मोनिश सोनी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी टोयोटा यारिस कार क्रमांक CG 07 BZ 5226 का नंबर किसी अन्य वाहन में फर्जी तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रार्थी को अपने वाहन से संबंधित न होने वाले ट्रैफिक चालान और टोल राशि कटने के संदेश मिलने के बाद फर्जी नंबर प्लेट के इस्तेमाल की जानकारी हुई।
विवेचना के दौरान पुलिस ने वाहन का उपयोग करने वाले विजय सेन को पूर्व में गिरफ्तार किया था, जिसे न्यायालय में पेश किए जाने के बाद केंद्रीय जेल दुर्ग भेजा गया।
इसके बाद फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस को रोहित कांकरिया और अनूप रवलामी की संलिप्तता के संबंध में जानकारी मिली। पुलिस के अनुसार दोनों को 20 सितंबर को गिरफ्तार किया गया।
2018 में फाइनेंस कराया था वाहन
पुलिस की जांच में सामने आया कि संबंधित वाहन को अनूप रवलामी ने वर्ष 2018 में रायपुर से फाइनेंस कराया था, लेकिन उसका आरटीओ में पंजीयन नहीं कराया गया। पुलिस के अनुसार बाद में यह वाहन रोहित कांकरिया को और फिर रोहित कांकरिया द्वारा विजय सेन को दिया गया।
पुलिस का आरोप है कि बिना वैध दस्तावेज एवं पंजीयन के वाहन का उपयोग करते हुए दूसरे वाहन के वैध नंबर की कूटरचना कर नंबर प्लेट लगाई गई। इसके चलते वास्तविक वाहन मालिक को ऐसे ट्रैफिक चालान एवं टोल भुगतान का सामना करना पड़ा, जो उसके वाहन से संबंधित नहीं थे।
घटनास्थल: रजत होम के पास, हरी नगर, दुर्ग।
गिरफ्तार आरोपी:
रोहित कुमार कांकरिया (51), निवासी सिंधिया नगर, मोहन नगर, दुर्ग।
अनूप रवलामी (55), निवासी ईस्ट नेहरू नगर, भिलाई।
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वाहन खरीदते या बेचते समय आरटीओ पंजीयन सहित सभी दस्तावेजों की पूरी जांच करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि या फर्जीवाड़े की सूचना तत्काल पुलिस को दें।