दुर्ग । अतिवृष्टि और जलभराव से प्रभावित ग्राम भरदा में ग्रामीणों की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में त्वरित पहल की गई है। कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव ने राहत शिविर पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और ग्रामीणों से क्षेत्र की समस्याओं की जानकारी ली। ग्रामीणों ने जलभराव से निजात दिलाने के लिए पक्की निकासी नाली की मांग रखी।
समस्या की गंभीरता को देखते हुए मंत्री ने मौके पर आवश्यक निर्देश दिए। इसके बाद कलेक्टर अभिजीत सिंह ने 28 सितंबर को ₹12.87 लाख की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है।
पुरुषोत्तम निषाद के घर से केशव ठाकुर के घर तक बनेगी नाली
वीबी-जी रामजी (विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन की गारंटी) योजना के तहत स्वीकृत नाली पुरुषोत्तम निषाद के निवास से केशव ठाकुर के निवास तक बनाई जाएगी। स्वीकृत राशि में ₹2.56 लाख मजदूरी और ₹10.31 लाख सामग्री मद के लिए निर्धारित किए गए हैं।
नाली निर्माण से बारिश के दौरान मार्ग पर होने वाले जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान के साथ ग्रामीणों का आवागमन भी सुगम और सुरक्षित होने की उम्मीद है।
जल निकासी के साथ ग्रामीणों को मिलेगा रोजगार
जिला पंचायत दुर्ग के सीईओ बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि वीबी-जी रामजी योजना के तहत गांवों की स्थानीय जरूरतों को विकास कार्यों से जोड़ा जा रहा है। भरदा की निकासी नाली इसी पहल का उदाहरण है। इससे एक ओर स्थायी जल निकासी की अधोसंरचना तैयार होगी, वहीं दूसरी ओर स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार भी मिलेगा।
योजना के प्रावधानों के अनुसार पात्र ग्रामीणों को मांग के आधार पर 15 दिवस के भीतर ₹300 प्रतिदिन की निर्धारित मजदूरी दर पर रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
फसल क्षति के सर्वेक्षण के भी निर्देश
अतिवृष्टि से हुई फसल क्षति का तत्काल सर्वेक्षण कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। नाली की त्वरित स्वीकृति और फसल क्षति के सर्वेक्षण के निर्देशों पर सरपंच सुनीता भारदीय सहित ग्रामीणों ने मंत्री गजेंद्र यादव, कलेक्टर अभिजीत सिंह और जिला पंचायत प्रशासन के प्रति आभार जताया।
भरदा में अब जलभराव से राहत के साथ रोजगार और स्थायी अधोसंरचना—दोनों पर एक साथ काम आगे बढ़ेगा।