तिरंगे पर युवा कवि मयंक शर्मा की कविता सुनकर सम्मान में खड़े हुए श्रोता, हास्य-व्यंग्य और भक्ति रचनाओं ने भी जीता दिल
दुर्ग / शौर्यपथ / गंजपारा दुर्गोत्सव समिति द्वारा दुर्गा धाम, पुरानी गंजमंडी में 17 अक्टूबर को 58 वर्षों से चली आ रही साहित्यिक परंपरा के तहत कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। मां शारदे के तैलचित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ शुरू हुए कार्यक्रम में देश के विभिन्न शहरों से आए कवियों ने देशप्रेम, भक्ति, हास्य-व्यंग्य और समसामयिक विषयों पर रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कवि सम्मेलन का संचालन दुर्ग के युवा कवि मयंक शर्मा ने किया। तिरंगे के पांच रंगों पर आधारित उनकी कविता ने श्रोताओं को भावुक कर दिया। कविता की पंक्तियां सुनकर श्रोता सम्मान में खड़े हो गए और तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया। मयंक शर्मा ने सुनाया—
“पापा जब द्वारे पे तिरंगा ओढ़ आए थे,
तो मैंने देखा खून से तिरंगा लाल-लाल था।”
बिहार के नालंदा से आईं कवयित्री अल्पना आनंद ने ओढ़नी गीत के माध्यम से धार्मिक भाव प्रस्तुत किए। इंदौर के एकाग्र शर्मा ने शिव, राम और हनुमान पर मुक्तक सुनाए। प्रयागराज के हास्य कवि अखिलेश द्विवेदी ने हास्य-व्यंग्य के जरिए खुशियां बांटने का संदेश दिया। दिल्ली के सुदीप भोला ने मोबाइल पर रील बनाने की प्रवृत्ति पर कटाक्ष किया, जबकि मुंबई के गीतकार चंदन राय ने प्रेम और यादों पर आधारित गीतों से समां बांधा।
कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, सांसद विजय बघेल, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, विधायक ललित चंद्राकर, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पांडेय, पूर्व विधायक अरुण वोरा, पूर्व महापौर धीरज बाकलीवाल, कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू, पूर्व महापौर आरएन वर्मा और दुर्ग ग्रामीण जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर उपस्थित रहे।
समिति के संरक्षक संतोष रूंगटा, संजय रूंगटा, चतुर्भुज राठी, किशोर जैन, विनीत जैन, अध्यक्ष रवि पिडिआर, कार्यकारी अध्यक्ष अमित यादव, कोषाध्यक्ष जितेंद्र राठी, एल्डरमैन तुलसी साहू एवं पार्षद पति सुरेश गुप्ता सहित अन्य अतिथि भी कार्यक्रम में शामिल हुए। संचालन मनोज शर्मा ने किया तथा आभार संतोष रूंगटा ने व्यक्त किया।