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एक साल में एक ढेला तक नहीं लाने वाले महापौर, पूर्व स्वीकृत कार्यों को अपनी उपलब्धि बता रहे-अजय वर्मा

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निगम इतिहास के सबसे फेलवर महापौर जो शहर के आधे वार्डों में 1 साल में नहीं जा पाये, दुर्ग शहर पानी बिजली के लिए तरसता रहा-भाजपा पार्षद दल


दुर्ग / शौर्यपथ / कांग्रेस शासित नगर निगम में महापौर धीरज बाकलीवाल के परिषद के एक साल के कार्यकाल पूरे होने पर भाजपा पार्षद दल ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे अब तक के सबसे पहला फेलुवर महापौर बताते हुए कहा है, कि पूरे एक वर्ष में शहर विकास के लिए शासन से एक ढेला तक नहीं लाने वाले महापौर बाकलीवाल भाजपा के पूर्व परिषद में स्वीकृत विकास कार्यों को अपनी उपलब्धि बताकर खुद ही अपनी पीठ थपथपा कर वाहवाही लूट रहे हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि कोरोना काल के आड़ में आज तक 60 वार्ड में आधे वार्ड तक दौरा नहीं कर पाए हैं । और पूरे साल भर अपने आका के पीछे घूमकर एक पिछलग्गु मेयर बनकर रह गए हैं, जिसे शहर की जनता पहचानती तक नहीं।
भाजपा पार्षद दल नेता अजय वर्मा,गायत्री साहू,चंद्रशेखर चंद्राकर,देवनारायण चंद्राकर,नरेंद्र बंजारे,कांशीराम कोसरे,नरेश तेजवानी, लीना दिनेश देवांगन,चमेली साहू,ओमप्रकाश सेन,मनीष साहू,अजित वैद्य,पुष्पा गुलाब वर्मा,शशी द्वारिका साहू,कुमारी साहू,हेमा शर्मा आदि पार्षदों ने संयुक्त रूप से कहा कि यह दुर्भाग्य है ,कि शहर में कांग्रेस के महापौर बनने के बाद से पूरे एक साल में जनता साफ सफाई बिजली ,पानी ,सड़क जैसे मूलभूत आवश्कताओ के लिए तरस गई है। कोरोना संकट में लोगो को राशन बांटने को अपनी उपलब्धि बताने वाले महापौर के बारे में अब पूरा शहर जान गया है, कि इसके पीछे मूल भावना आर्थिक लाभ से जुड़ा था, क्योंकि राशन सप्लाई वाले फर्म से लेकर थैला छपाई तक सभी कार्य करने वाले किनसे जुड़े थे जनता समझ गई है ।
भाजपा पार्षदों ने महापौर परिषद के उपलब्धि सूची जारी करने को भी हास्यस्पद बताते हुए कहा कि विगत परिषद मे पूर्व महापौर चंद्रिका चंद्राकर के भाजपा शासनकाल में स्वीकृत व एक साल से चल रहे निर्माण कार्य शंकर नाला को सफलता बताना व अधोसरंचना मद के तहत डॉ रमन सिंह कार्यकाल में मिले 40 करोड़ कि राशि जिसे वर्तमान राज्य सरकार द्वारा निरस्त कर केवल 11 करोड़ देने जिसका पूर्व में टेंडर हो गया था तथा ठगड़ा बांध सौंदर्यीकरण हेतु 19 करोड़ से अधिक की राशि जो पूर्व स्वीकृत था, वहीं रायपुर नाका फिल्टर प्लांट, पंप हाउस के लीकेज वर्क जो एक नियमित प्रक्रिया है उनका रिपेयर को अपनी उपलब्धि बता रहें है ,जबकि पूर्व परिषद मे मुख्य फिल्टर प्लांट में पानी के नियमित आपूर्ति हेतु स्वीकृत ट्रांसफार्मर व पैनल बोर्ड बदलने का कार्य जिसे छह माह तक लगा नहीं पाये व जिसके चलते 15दिनों से अधिक समय तक शहर में पानी के लिए हाहाकार मचने से लोग परेशान हुए इसी प्रकार साफ सफाई के लिए नियमित रूप से झाड़ू टोकना खरीदना व चुना बिलिचिंग पाउडर को भी सफलता बताया जा रहा है ।
नेता प्रतिपक्ष अजय वर्मा सहित भाजपा पार्षदों ने आगे कहा कि महापौर द्वारा गौठान निर्माण व गोबर खरीदी को उपलब्धि दर्शाये जाने पर चुटकी लेते हुए कहा कि शहर की जनता जानती है कि जगह जगह गाय के झुंड व सड़को में पड़े गोबर कहा के हैं। वहीं कुत्तों के बधिया करण को भी जनता के साथ मजाक बताते हुए कहा कि गली गली में आवारा कुत्तों के आतंक से जनता कितने त्रस्त है यह सभी जानते है भाजपा पार्षदों ने आगे कहा कि जिस सफाई व्यवस्था कि दुहाई से रहे हैं, उसका वास्तविक श्रेय निगम पूर्व महापौर चंद्रिका चंद्राकर व वर्तमान आयुक्त इंद्रजीत बर्मन को जाता है ,जिन्होंने विगत परिषद मे कार्यभार सम्हालते ही प्लेसमेंट व नियमित कर्मचारियों के सहयोग से बड़े नालो को ठेका में देने के बजाय निगम के संसाधन से कराने कि शुरुवात की जिसका परिणाम निगम चुनाव के बाद दिखलाई दिया जिसका वे अभी श्रेय ले रहे है किंतु परिसीमन के बाद प्रभावित 17 वार्ड जिनमें से अधिकांश वार्डो का क्षेत्रफल बढ़ गया है वहा सफाई व्यवस्था चरमरा गई है और नियमित सफाई नहीं होने से लोग निगम को कोस रहे है क्योंकि वार्ड बड़े होने के बाद भी वहा न कर्मचारी बढाई है और न कोई सुविधा इसी प्रकार शहर के सभी वार्डो में कोई छुट पुट कार्य हो रहे है वह पिछले परिषद के स्वीकृत कार्य है, जो प्रशासनिक प्रक्रिया और अमृत मिशन के कारण रोके गए थे वहीं केंद्र सरकार कि महत्वपूर्ण योजना अमृत मिशन के तहत प्रत्येक घरों में दिए जा रहे फ्री नल कनेक्शन व पानी टंकी निर्माण प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा दिए राशि से हो रहा है और प्रधान मंत्री आवास के तहत ठगडा बांध के लोगो को बोरसी में दिए मकान में पूर्व की कम्प्लिट योजना है इस प्रकार इस एक साल कांग्रेस शासित परिषद की अपनी कोई उपलब्धि नहीं है जिसे याद करे बल्कि सालभर में निगम में लूटखसोट भ्रष्टाचार निरंतर बढ़ गया है और आम जनता अपनी छोटी छोटी समस्या लेकर निगम दफ्तरों का चक्कर मार रही है।

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