दुर्ग / शौर्यपथ / पुलिस ने पुलगांव हत्याकांड के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलगांव हत्याकांड को दो अपचारी बालकों ने अंजाम दिया था. पुलगांव हत्याकांड में दो अपचारी बालकों ने मिलकर एक बालक को दर्दनाक तरीके से मौत के घाट उतार दिया था.
पुलगांव हत्याकांड को लेकर पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलगांव थाना के अंतर्गत आने वाले बस्ती से दोपहर को सूचना प्राप्त हुई कि शासकीय प्राथमिक शाला के तीसरी मंजिल में एक नाबालिग लड़के की लाश पड़ी हुई है. सूचना मिलने पर तत्काल दुर्ग पुलिस अधीक्षक प्रशांत ठाकुर एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दुर्ग रोहित झा के निर्देशन में नगर पुलिस अधीक्षक दुर्ग विवेक शुक्ला एवं पुलगांव थाना प्रभारी उत्तर वर्मा घटनास्थल पर पहुंचे.
घटनास्थल पर पहुंचकर आला अफसरों ने देखा कि 14 वर्षीय वर्षीय युवक दानेश्वर साहू उर्फ पप्पू का शव प्राथमिक शाला पुलगांव के तीसरे मंजिल पर पड़ा हुआ है. इस दौरान मौके पर पहुंची एफएसएल की टीम एवं डॉग स्क्वाड की टीम ने भी घटनास्थल का जायजा लिया. अफसरों ने जब घटनास्थल का मुआयना किया तो वहां उन्होंने देखा कि तीसरी मंजिल पर जाने के लिए कोई भी सीढ़ी वहां पर नहीं है. ऐसे में तीसरी मंजिल चढऩे वाले युवकों की खोज की गई। पुलिस ने सभी से पूछताछ भी की.
पुलिस ने मृतक के सभी दोस्तों से बारी-बारी से पूछताछ करना शुरू किया। एफएसएल टीम के प्रभारी डॉ मनोज पटेल ने बताया कि बालक की हत्या गले में किसी चीज को बांधकर की गई है और इस हत्या में संभवत 2 से 3 लोगों के शामिल होने का अनुमान लगाया गया. इस आधार पर भी आगे की पूछताछ की जाती रही.
इस बीच ऐसे सभी युवक जो उस स्कूल की छत पर अक्सर चढ़ा करते थे उनसे लगातार पूछताछ की गई। इसी बीच एक अन्य सूचना मुखबिर के द्वारा प्राप्त हुई की मृतक आखिऱी समय में अपने कुछ दोस्तों के साथ देखा गया था। पुलिस ने मृतक के दोस्तों से अलग से बुलाकर पूछताछ की. कड़ाई से पूछताछ करने पर युवकों ने अपने साथी नाबालिक दोस्त की हत्या करना स्वीकार कर लिया. दोनों ही अपचारी बालकों की उम्र क्रमश: 17 वर्ष एवं 15 वर्ष है.
नाबालिग की हत्याकांड के आरोपी दोनों अपचारी बालकों ने बताया कि दानेश्वर साहू उर्फ पप्पू को हम अक्सर चिढ़ाया करते थे और कल भी उसे चिढ़ा रहे थे. इस बात से गुस्सा होकर दानेश्वर उन्हें मां बहन की गाली देने लगा, जिससे उन लोगों को क्रोध आ गया। इसके बाद उन्होंने प्लान किया कि दानेश्वर को स्कूल की छत पर ले जाया जाए. छत में जाने के बाद दानेश्वर की दोनों अपचारी बालकों से बहस हुई. बहस के दौरान पुन: मृतक ने उन्हें गाली दी. दोनों पक्षों के बीच बहस इतनी बढ़ गई कि आरोपियों ने मृतक के गले को हुड वाले जैकेट से गले मे कसकर बांध कर खींच दिया. इस दौरान दूसरे अपचारी बालक ने मृतक के पैर को पकड़ कर रखा था. दोनों अपचारी बालक ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है. पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त लेस सामान घटनास्थल से बरामद कर लिया है. इस पूरी कार्यवाही में नगर पुलिस अधीक्षक विवेक शुक्ला, थाना प्रभारी उत्तर वर्मा, एएसआई डोमार साहू, हेड कांस्टेबल शिव तिवारी, आरक्षक जावेद खान, धीरेंद्र यादव, सुरेंद्र साहू, मुकेश चंद्राकर, गजेंद्र यादव और अनिल सोनी की महत्वपूर्ण भूमिका रही.