भिलाई / शौर्यपथ / रेलवे के भिलाई मार्शलिंग यार्ड चरोदा में आज सुबह सुबह मालगाड़ी का एक डिब्बाअचानक पटरी से उतर गया। इसके चलते एच केबिन से जी केबिन की ओर जाने वाला रास्ता बंद हो गया जिसके कारण रेल कर्मचारियों को आने जाने में भारी दिक्कत हुई। डिब्बे को वापस पटरी पर लाने ढाई सौ कर्मचारियों ने ढाई घंटे तक कड़ी मशक्कत की जब जाकर उसे पटरी पर लाया जा सका।
मिली जानकारी के अनुसार मालगाड़ी डिरेल की यह दुर्घटना बुधवार को सुबह 6 बजे के आसपास हुई। मालगाड़ी भिलाई-3 की ओर से रायपुर की दिशा में जा रही थी। यह माल गाड़ी विद्युत लोको शेड के पीछे से होकर भिलाई मार्शलिंग यार्ड की पटरी से गुजर रही थी। तभी अचानक एक डिब्बा पटरी से उतर गया। मालगाड़ी की रफ्तार इस दौरान धीमी थी, जिसके चलते डिरेल हुई डिब्बा पलटने से बच गई। चालक ने मालगाड़ी के डिरेल होने का आभाष होते ही इमरजेंसी ब्रेक लगाया और फिर गार्ड के मध्यम से कंट्रोल रूम को सूचना दी।
मालगाड़ी जिस जगह पर डिरेल हुई है वहां पर चरोदा रेलवे कालोनी से होकर जी केबिन की ओर रास्ता बना हुआ है। इसके नजदीक में चीफ क्रू कंट्रोलर बीएमवाय का कार्यालय सहित पीडब्ल्यूआई कार्यालय एवं विद्युत लोको शेड है। मालगाड़ी के डिरेल हो जाने की वजह से रास्ता बंद हो गया। इसके चलते रेलवे कर्मचारियों से लेकर चरोदा से जी केबिन की ओर होने वाली सामान्य आवाजाही प्रभावित रही।
दुर्घटना की सूचना पर इंजीनियरिंग विभाग सहित रेलवे का तकनीकी अमला पूरे संसाधन के साथ मौके पर पहुंचा। लगभग ढाई सौ कर्मचारियों ने ढाई घंटे की मशक्कत के बाद डिरेल डिब्बे को वापस पटरी पर बिठाया। इसके साथ ही पौने 9 बजे अवरुद्ध रास्ता खुल जाने से आवाजाही की दिक्कत खत्म हो गई।
सिरसा गेट होकर गए कार्यस्थल
अलसुबह मालगाड़ी के डिरेल होने के चलते एच केबिन से जी केबिन के बीच का रास्ता बंद हो गया। इस रास्ते से रेल कर्मचारी अपने अपने कार्यस्थल की ओर आवाजाही करते हैं। सुबह की पाली में ड्यूटी करने और रात्रि पाली की ड्यूटी छूटने वालों को होने वाली दिक्कत को देखते हए रेल कर्मचारियों के वाट्सएफ ग्रुप में इस बात का संदेश वायरल किया गया कि वे भिलाई-3 के सिरसा गेट होकर आवाजाही करें। चरोदा रेलवे कालोनी में रहने वाले कर्मचारियों को इसके चलते कार्यस्थल पहुंचने में विलंब का सामना करना पड़ा।
वैगन में खराबी की आशंका
मालगाड़ी के डिरेल होने के बाद मौके पर पहुंचे रेल अधिकारियो ने इसके लिए वैगन में खराबी होने की आशंका व्यक्त की है। जिस जगह पर मालगाड़ी डिरेल हुई है वहां रास्ते की वजह से रेल अधिकारियों की नजर पटरी के रखरखाव पर बनी रहती है। इस वजह से रेल पटरी में कोई खराबी या दिक्कत नहीं रही होगी। मालगाड़ी की मरम्मत व रखरखाव भिलाई-3 के पीपी यार्ड में होती है। इस लिहाज से यह जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि वैगन में आखिर तकनीकी खामी क्या रह गई थी।