दुर्ग / शौर्यपथ / नगर पालिका परिषद जामुल के आगामी चुनाव के लिए वार्डों का आरक्षण आज दुर्ग कलेक्टर सभागार में संपन्न हो गया। कुल 20 वार्डों वाले इस पालिका के 8 वार्ड अनारक्षित रखे गए हैं। इन वार्डों में सभी वर्ग को चनाव लडऩे की पात्रता के चलते घमासान मचने की संभावना है। 4 वार्ड अनारक्षित महिला, 3 ओबीसी मुक्त व 2 ओबीसी महिला सहित एससी मुक्त एक, एससी महिला एक तथा एक वार्ड एसटी वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है।
विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में आज कलेक्टर सभागार में नगर पालिका परिषद जामुल के वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया पूर्वान्ह 11 बजे प्रारंभ हुई। इस प्रक्रिया में एससी, एसटी वार्डो का आरक्षण जातिगत आंकड़े के अनुसार किया गया। जबकि शेष वार्डों का आरक्षण नियमों का पालन करते हुए लाटरी निकालकर किया गया। पूरे 20 वार्डों का आरक्षण तय होते ही दुर्ग से लेकर जामुल तक की राजनीति में सरगर्मी दिखने लगी।
जामुल पालिका का वार्ड क्रमांक 1 कालीमाता ओबीसी महिला के लिए आरक्षित हुआ है। इसी कड़ी में वार्ड-2 मठपारा शक्तिनगर एसटी, वार्ड-3 लक्ष्मी पारा ओबीसी, वार्ड-4 दुर्गापारा आरक्षित, वार्ड-5 गणेश नगर अनारक्षित, वार्ड-6 संतोषी चौक एससी, वार्ड-7 लीला चौरा अनारक्षित महिला, वार्ड-8 राम मंदिर अनारक्षित, वार्ड-9 महात्मा गांधी नगर अनारक्षित महिला, वार्ड-1 सुभाष नगर ओबीसी महिला, वार्ड-11 एससी कालोनी अनारक्षित, वार्ड-12 दुर्गा चौक अनारक्षित, वार्ड-13 लवकुश नगर ओबीसी, वार्ड-14 दीनदयाल उपाध्याय नगर अनारक्षित, वार्ड-15 राजीव नगर अनारक्षित, वार्ड-16 शिवपुरी अनारक्षित, वार्ड-17 देवनगर अनारक्षित महिला, वार्ड-18 महाराणा प्रताप नगर ओबीसी, वार्ड-19 महामाया चौक अनारक्षित महिला तथा वार्ड-20 वीरनारायण सिंह नगर को एससी महिला वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है।
कांग्रेस से सरोजनी चंद्राकर तो भाजपा से रेखराम बंछोर का दावा बरकरार
वार्ड आरक्षण प्रक्रिया में उलटफेर की गुंजाइश के बावजूद निवृत्तमान पालिका अध्यक्ष सरोजनी चंद्राकर व पूर्व अध्यक्ष रेखराम बंछोर का दावा बरकरार रहा है। इस बार पार्षदों के बीच से अध्यक्ष का चयन होना है और यह पद अनारक्षित रखा गया है। इस लिहाज से सरोजनी चंद्राकर को जहां कांग्रेस से वहीं रेखराम बंछोर को भाजपा से अध्यक्ष पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। श्रीमती चंद्राकर वार्ड-3 लक्ष्मीपारा में रहती है। इसी वार्ड में रेखराम बंछोर का भी निवास है। यह वार्ड ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित हुआ है। सरोजनी व रेखराम दोनों ही इसी वर्ग से ताल्लुक रखते हैं। ऐसे में वार्ड-3 में इस बार दो पूर्व अध्यक्षों के बीच चुनावी घमासान मचने की पूरी संभावना है। वैसे वार्ड क्रमांक-3 से भाजपा की टिकट पर पार्षद बनकर उपाध्यक्ष की कुर्सी पाने वाले हरीश वर्मा भी आरक्षण ओबीसी रहने से स्वाभाविक दावेदार बन गए हैं। भाजपा से अध्यक्ष पद के एक और दावेदार फणेन्द्र पांडेय वार्ड क्रमांक-10 ओबीसी महिला के लिए आरक्षित होने से उनकी दावेदारी पर प्रश्न उभरा है।