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तीन केंद्रीय कृषि कानूनो को रद्द करने की मांग को लेकर 18 को रेल रोको आंदोलन

  • rounak group

डीजल और पेट्रोल के मूल्य में वृद्धि का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है, उत्पादन की लागत बढ़ गई है
केंद्र सरकार की नजर किसानों की जमीन पर है, अगले साल से धान की खरीदी बंद या कम कर सकती है
छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन के दुर्ग ब्लाक सम्मेलन में किसानों को संगठित रहने का आह्वान

दुर्ग / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन का दुर्ग दक्षिण ब्लाक का सम्मेलन अंडा के बाजार चौक में आयोजित हुआ, सम्मेलन को संबोधित करते हुए संगठन के अध्यक्ष आई के वर्मा ने कहा कि केंद्र के तीन कृषि कानून से किसानों की जमीन छीन जाने का खतरा है इसलिये इन कानूनों को रद्द कराने के लिये किसानों को निर्णायक संघर्ष करना होगा, उन्होंने आगे कहा कि कोरोना काल में जहां पूरे देश की आर्थिक गतिविधि बंद हो गई थी तब किसानों ने ही उत्पादन की गति को थामने में महत्वपूर्ण भूमिका निबाही है इसके लिये किसानों को प्रोत्साहित करने के बजाय मोदी सरकार ने किसान सम्मान निधि के बजट में 10 हजार करोड़ रूपयों की कटौती कर दिया,
सम्मेलन को संबोधित करते हुए एड. राजकुमार गुप्त ने किसानों को आगाह करते हुए कहा कि इस साल केंद्र सरकार ने किसानों का धान खरीदने में अनेक बाधाएं खड़ी किया है, बोनस देने के नाम पर कम खरीदी करने, खरीदी के लिये बोरा का प्रबंध नहीं करने, आदि के कारण किसानों को अपना धान बेचने में परेशानियों का सामना करना पड़ा, केंद्र सरकार नें राज्य से 60 लाख टन चांवल खरीदने का वायदा किया था लेकिन जब धान की खरीदी खत्म हो गई है तब इसे घटाकर 24 लाख टन चांवल कर दिया है, कोरोना काल में बोरा बनाने के कारखाने बंद थे यह जानते हुए भी केंद्र सरकार नें भारतीय खाद्य निगम को निर्देशित किया है कि नये बोरों में ही चांवल को जमा कराये, इन्होनें किसानों को आगाह करते हुए कहा कि अगले साल केंद्र सरकार या तो धान की सरकारी खरीदी बंद कर सकती है या कम कर सकती है जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ सकता है, केंद्र सरकार किसानों को हलाकान करना चाहती है ताकि वे अपनी जमीन बेचने के लिये मजबूर हो जाये,
केंद्र सरकार को निशाने में लेते हुए उन्होंने आगे कहा कि सरकार 2022 तक किसानों की आज दोगुनी करने और उत्पादन लागत में कमी करने की बात करती है किंतु इसके उल्टा पेट्रोल और डीजल के मूल्य में वृद्धि के कारण खाद के मूल्य बढ़ गये हैं यंत्रों के खर्च बढ़ गये हैं इस प्रकार उत्पादन लागत बढ़ गया है उन्होंने मांग की है कि केंद्र द्वारा डीजल, पेट्रोल पर बढ़ाये एक्साईज ड्यूटी को कम करके मई 2014 के पहले की स्थिति पर लाया जाये,
सम्मेलन को उत्तम चंद्राकर, परमानंद यादव, बद्रीप्रसाद पारकर, राकेश कौशिक, पूरनलाल साहू और कल्याण सिंह ठाकुर ने भी संबोधित किया, सम्मेलन में तीन कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर 18 फरवरी के रेल रोको आंदोलन में शामिल होने का निर्णय लिया गया है

कमेटी गठित
सम्मेलन में छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन के दुर्ग दक्षिण ब्लाक कमेटी का गठन किया गया है, भरतलाल चंद्राकर को अध्यक्ष और तेजराम चंद्राकर को महासचिव बनाया गया है, कार्यकारिणी का गठन भी किया गया, सम्मेलन में अंडा के अलावा चंदखुरी, भरदा, तिरगा आदि गांव के किसान उपस्थित थे ।

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