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वैकल्पिक फसल लेने पर प्रोत्साहन राशि के कैबिनेट के निर्णय पर दुर्ग में काम शुरू, कलेक्टर ने कहा मैदानी अमला फील्ड सर्वे कर प्लान बनाये

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-अगले दो दिनों में ब्लाक लेवल में बैठक के बाद बनेगी कार्ययोजना, किसानों से मिलकर वैकल्पिक फसलों का सुझाव देंगे अधिकारी
-भूमि के अनुकूल फसल की जानकारी भी देंगे, साथ ही प्रोत्साहन राशि के प्रावधानों की जानकारी भी देंगे
-खेतों में बांस-सागौन के प्लांटेशन को भी मिलेगा बढ़ावा

दुर्ग / शौर्यपथ / कैबिनेट की बैठक में धान के अलावा दूसरी फसलें लेने वाले किसानों को प्रोत्साहित करने का फैसला लिया गया था। आज इसके अनुपालन की कार्रवाई जिले में आरंभ हो गई है। आज हुई बैठक में अधिकारियों को इसके क्रियान्वयन के लिए प्लान तैयार करने के निर्देश दिये गए। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किसानों की आमदनी में बढ़ोतरी करने और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए वर्ष 2020-21 में धान का विक्रय करने वाले किसानों को धान के बदले अन्य चिन्हांकित खरीफ फसलें लेने पर प्रति एकड़ 10 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया है। दुर्ग जिले में राज्य सरकार के इस फैसले को अमलीजामा पहनाने और अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ दिलाने के लिए कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने अधिकारियों की बैठक लेकर अतिशीघ्र प्लान तैयार करने कहा है। उन्होंने वन, कृषि, उद्यानिकी सहित पंचायत विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर योजना के उद्देश्य की जानकारी देते हुए इसके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिये हैं।
कृषि अधिकारी फील्ड सर्वे कर जमीन की प्रकृति के अनुरूप वैकल्पिक फसल का सुझाव दें- कलेक्टर ने बैठक में कहा कि कृषि अधिकारी व्यापक फील्ड सर्वे करें। जमीन की प्रकृति के मुताबिक किसान को सुझाव दें कि किस तरह की वैकल्पिक फसल उपयोगी हो सकती है। उन्होंने कहा कि चूँकि अधिकतर जमीनों में साइल टेस्टिंग हो चुकी है इसके नतीजों के मुताबिक किसानों को मार्गदर्शन दें कि किस प्रकार की फसल लें तो उन्हें लाभ होगा। उन्होंने कहा कि किसान वैकल्पिक फसल लेने का मन बनाते हैं कभी ये आगे बढ़ते हैं और कभी नवाचार की हिचक की वजह से पीछे हट जाते हैं। प्रोत्साहन राशि मिलने से वे इस दिशा में आगे बढ़ेंगे। किसानों को बताएं कि प्रोत्साहन राशि के अलावा उन्हें वैकल्पिक फसल के लिए तकनीकी मार्गदर्शन विभाग द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा वैकल्पिक फसलों के प्रोत्साहन के लिए सरकार पहले भी अनेक विभागीय योजनाएं कार्यान्वित कर रही हैं।
उद्यानिकी को भी करें प्रेरित- कलेक्टर ने कहा कि दुर्ग जिले में उद्यानिकी का रकबा अच्छा है। उद्यानिकी फसलों में होने वाले लाभ के चलते कई किसान उद्यानिकी फसल ले रहे हैं। प्रोत्साहन राशि मिलने से इस ओर किसान और भी आगे आएंगे। फूड पार्क आदि की उपलब्धता के चलते किसानों के लिए मार्केटिंग लिंकेज भी दुर्ग जिले में अच्छा होगा। चूँकि उद्यानिकी फसलों के प्रमोशन के लिए जिले में आधारिक संरचना पहले से मजबूत है अतएव इस दिशा में किसानों को प्रेरित करने से अच्छे नतीजे मिलेंगे।
बांस-सागौन जैसे पौधों का करें रोपण- कलेक्टर ने खेतों में धान की फसल के बदले वृक्षारोपण करने पर सरकार द्वारा मिलने वाली दस हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि के बारे में भी अधिकाधिक किसानों को जानकारी देने की बात कही। यह प्रोत्साहन राशि प्रति एकड़ तीन वर्ष तक दी जाएगी। कलेक्टर ने बांस-सागौन जैसे पौधों के रोपण के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने की बात कही।
अपर कलेक्टर होंगी नोडल अधिकारी, तीनों ब्लाक में दो दिनों के भीतर बैठक लेकर बनाई जाएगी कार्ययोजना- कलेक्टर ने अधिक से अधिक किसानों को लाभ देने के लिए अपर कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी को योजना के क्रियान्वयन के लिए नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी दी है। ब्लाक स्तर पर एक दो दिन में तीनों ब्लॉक में इन विभागों के मैदानी अधिकारियों की बैठक आयोजित की जायेगी। ब्लाक लेवल के अधिकारी मीटिंग के बाद योजना के क्रियान्वयन को लेकर अपना प्लान प्रस्तुत करेंगे।

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शौर्यपथ

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