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श्रमिकों पर बीईसी इंजीनियरिंग प्रबंधन का अत्याचार, त्याग पत्र देने श्रमिकों पर बना रहे दबाव, नहीं दे रहे दो माह का वेतन 300 से अधिक श्रमिकों ने विधायक देवेंद्र यादव से लगाई इंसाफ की गुहार

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दुर्ग / शौर्यपथ / भिलाई के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित बीईसी इंजीनियरिंग कंपनी प्रबंधन लगातार मजदूरों पर अत्याचार कर रही है । गरीब बेबस श्रमिकों का हक मार रही है और उनका शोषण कर रही है। कंपनी प्रबंधन लगातार अपनी ही कंपनी के श्रमिकों के ऊपर त्यागपत्र देने दबाव बना रही है। सीधे सरल मजदूरों को डराया जा रहा है । त्याग पत्र देने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
लगातार बीईसी इंजीनियरिंग कंपनी प्रबंधन की मनमानी और अत्याचार से तस्त्र हो चुके 300 से अधिक मजदूर रविवार को भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव से मिले और इंसाफ की गुहार लगाई है। कंपनी के पीड़ित प्रताड़ित श्रमिकों का समूह रविवार को भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव के सेक्टर 5 स्थित कार्यालय पहुंचा। विधायक देवेंद्र यादव को लिखित में ज्ञापन सौंपा और अपनी पीड़ा विधायक देवेंद्र यादव को बताई। मजदूरों ने विधायक यादव को बताया कि कंपनी प्रबंधन मजदूरों को काम पर आने से मना कर दिया है और कहा गया कि जरूरत पड़ने पर आपको कॉल कर के बुलाया जाएगा। फिर कुछ लोगों को 2-4 दिन ही काम पर बुलाया गया। कंपनी प्रबंधन बीते दो माह मार्च और अप्रैल का वेतन भी किसी मजदूर को नहीं दिया है। लॉक डाउन के समय कंपनी प्रबंधन ने मजदूरों का वेतन रोक रखा है। जिससे मजदूरों की आर्थिक हालत खराब हो गई है। मजदूर अपने परिवार का पेट कैसे पालेंगे। इस चिंता में है। खाने के लाले पड़ गए है।
श्रमिकों ने आगे बताया कि प्रबंधन द्वारा लगातार मजदूरों पर इस तरह के अत्याचार किए जा रहे हैं। कोरोना काल में सभी मजदूर बहुत परेशान है। पिछले माह जाे काम किया उसका पेमेंट नहीं कर रहे और अब कंपनी प्रबंधन उन्हे काम भी नहीं दे रहा है। जबरन दबाव बनाकर डरा धमका का नौकरी छोड़ने पर मजबूर कर रहा है। मजूदरों की पीड़ा को गंभीरता से सूनने और समझने के बाद विधायक देवेंद्र यादव ने तत्काल श्रमायुक्त दुर्ग आरके प्रधान से बात कर इस पूरे विषय को संज्ञान में लेने तथा मजदूरों की मदद करने निर्देश दिए और जल्द से जल्द वेतन दिलवाने के लिए भी कहा इस दौरान आदित्य सिंह, डी. कामराजू, शंकर राव सहित 300 से अधिक मजदूर उपस्थित रहे।


ग्रेज्युटी और बोनस राशि भी नहीं दे रहे
मजदूरों ने बताया कि जो मजदूर साल दो साल पहले सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उनके साथ भी कंपनी अन्याय कर रही है। उन मजदूर का ग्रेज्युटी और बोनस राशि कंपनी ने रोक रखा है। सेवा निवृत्ति के बाद भी मजदूर अपने हक की राशि के लिए प्रबंधन का चक्कर काटने पर मजबूर है। यही नहीं मजदूरों ने बताया कि प्रबंधन द्वारा उन्हें सुरक्षा के लिए कोई सुविधा नहीं दी जाती। ड्रेस, दस्ताना, जूता आदि कुछ भी नहीं देता। बिना सुरक्षा के जान जोखिम में डाल कर मजदूर काम करते हैं।

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शौर्यपथ

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