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जान पर खेल ठेका श्रमिक बीएसपी कर्मियों के साथ कंधा से कंधा मिला कर रहे है कार्य..

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दुर्ग / शौर्यपथ / एच.एम.एस के वरिष्ठ श्रमिक नेता एच एस मिश्रा ने कहा की आज जिस प्रकार से पूरे दुनिया में कोविड-19 महामारी का भयावह स्थिति है, भारत सरकार व राज्य सरकारों ने भी देश में सभी शहर और गांव में निवासरत लोगों को वैक्सीन लगवाने का काम शुरू किया है, जिसके चलते सुरक्षा की दृष्टि से सभी लोग वैक्सीन लगवाने में बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। अभी सरकार के आदेशानुसार 18 प्लस को भी टीका लगवाना चालू हो गया है।
देश के सभी कल कारखानों में कर्मचारियों को चाहे पब्लिक सेक्टर हो या प्राइवेट सेक्टर, वैक्सीन का काम शुरू हो गया है। एच एस मिश्रा ने आगे कहा कि हमारे भिलाई इस्पात संयंत्र में पूरे सेल के यूनिट में लगभग 55 - 60 हजार कर्मचारी रेगुलर काम कर रहे हैं और कर्मचारियों को टीका लगना भी शुरू हो गया है लेकिन आश्चर्य की बात है कि भिलाई इस्पात कारखाना और सेल के सभी यूनिट में ठेका कर्मचारी लगभग इससे ज्यादा ही हैं, लेकिन उन्हें वैक्सीन नहीं लगाया जा रहा है।
एच एस मिश्रा ने डायरेक्टर इंचार्ज भिलाई इस्पात संयंत्र और सेल के उच्च अधिकारियों को यह संज्ञान में ला रहे हैं कि रेगुलर कर्मचारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कारखाने का उत्पादन में अपना 100 प्रतिशत योगदान देते हैं। इसलिए कंपनी और ठेका मजदूरों को भी तत्काल वैक्सीन लगाने की व्यवस्था करना जरूरी है जिससे कि कर्मचारी और ठेका मजदूर संक्रमित ना हो और स्वस्थ रहकर कारखाने में सुचार रूप से काम करें। प्रेम सिंह चंदेल ने कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र में ठेका मजदूरों के साथ बहुत ही अन्याय और शोषण हो रहा है सरकार द्वारा निर्धारित वेतनमान, बोनस, वेतन पर्ची, डबल ओवरटाइम, जॉइनिंग लेटर, परिचय पत्र, 1 से 10 तारीख तक वेतन भुगतान, बोनस, पी.एफ की सही कटौती, ईएसआई कार्ड व नियम कानून का पालन नहीं हो रहा है। जिस पर बीएसपी प्रबंधन को ध्यान देना चाहिए।
लखविंदर सिंह और डी.के सिंह ने कहा कि हमारे भिलाई छत्तीसगढ़ में, बड़े-बड़े कंपनी और ठेकेदार हैं जो गुणवत्ता को ध्यान में रखकर काम करते हैं और नियम का पालन करते हैं, लेकिन उनको काम नहीं देकर बाहरी कंपनियों को और ठेकेदारों को बुलाकर काम दिया जाता है कम रेट में काम लेकर सही काम नहीं करते हैं और मजदूरों का भारी शोषण करते हैं तथा बीच में कई सारे कंपनी और ठेकेदार काम छोड़कर भाग गए जिससे कि प्लांट को बहुत नुकसान हुआ।
हरिराम यादव व धनंजय चतुर्वेदी ने कहा कि सेल भिलाई इस्पात के उच्च अधिकारियों को घटिया काम करने वाले और मजदूरों के शोषण करने वाले ठेकेदारों के ऊपर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए जिससे कि शोषण व घटिया काम की पुनरावृत्ति ना हो। प्रमोद मिश्रा ने कहा कि यह बात सत्य है की कंपनी और ठेका मजदूरों को उनका वाजिब हक प्राप्त नहीं होता है जबकि सहायक श्रम आयुक्त और भिलाई के उच्च अधिकारियों द्वारा बार-बार परिपत्र जारी होता है कि ठेकेदार और कंपनी ठेका मजदूरों को वेतन और सभी सुविधाएं नियम अनुसार भुगतान करें।

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शौर्यपथ

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