कारखाना प्रबंधन व ठेकेदारों की मनमानी पर अकुंश नहीं
भविष्य निधि आयुक्त को भेजी जायेगी दागियों की सूची
भिलाई / शौर्यपथ / क्षेत्रीय भविष्य निधि बोर्ड के मेंबर एच.एस.मिश्रा ने कहा कि कर्मचारी व श्रमिकों को भविष्य निधि का लाभ नहीं मिल पा रहा है। कारखाना प्रबंधन और ठेकेदारों की श्रम कानून के पालन के प्रति मनमानी पर कोई अंकुश नही लग पा रहा है। ऐसे दागी कारखाना प्रबंधन व ठेकेदारों का सर्वे कर शीघ्र ही कार्यवाही हेतु भविष्य निधि आयुक्त को सूची प्रेषित किया जायेगा।
क्षेत्रीय भविष्य निधि बोर्ड के मेंबर एच.एस.मिश्रा ने बताया कि छत्तीसगढ़ में बीएसपी जैसे बड़े कारखाना सहित छोटे मंझोले श्रेणी के हजारों उद्योगों में कई ठेकेदार काम कर रहे है। इनके अधीन लाखों कर्मचारी व श्रमिक जीविकोपार्जन कर रहे हैं। लेकिन सीमित कारखाना प्रबंधक और ठेकेदारों को छोड़कर ज्यादातर छत्तीसगढ़ शासन के आदेशानुसार किसी प्रकार की सुविधा नही मिल पा रही है। जबकि शासन द्वारा समय-समय पर परिपत्र जारी कर सभी कारखाना और ठेकेदारों को सूचित किया जाता है कि नियमानुसार कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन, वेतन पर्ची, परिचय पत्र, रोजगार कार्ड, लीव कार्ड, छुट्टियों की सुविधा, 1 से 10 तारीख तक वेतन भुगतान, सुरक्षा उपकरण, ईएसआई की सुविधा और भविष्य निधि की कटौती हर हाल में सुनिश्चित किया जाये। लेकिन दुर्भाग्य का विषय हेै कि आज भी ज्यादातर कारखाना प्रबंधन और ठेकेदार छत्तीसगढ़ शासन के नियमों का पालन नही कर रहे है। जिससे कर्मचारी व श्रमिकों को उनका वेतन व शासन द्वारा निर्धारित सुविधाएं नही मिल पा रही है।
उन्होंने कहा कि भविष्य निधि की कटौती पूरे वेतन और हाजिरी के उपर टोटल भुगतान पर कटौती होनी चाहिए। लेकिन अगर किसी कर्मचारी या मजदूर का 24 या 26 हाजिरी है तो सिर्फ 12-13 दिन के हाजिरी के भुगतान पर ही कटौती की जाती है, जो मजदूरो के साथ धोखा है। अधिकतर कारखाना और ठेकेदार भविष्य निधि की कटौती करते ही नहीं और मजदूर कर्मचारियों को स्कूटर, वाहन और सिलेण्डर और वाहन के नंबर को पीएफ नंबर बताकर दे दिया जाता है।
मिश्रा ने बताया कि अपे्रल महिने में क्षेत्रीय भविष्य निधि बोर्ड की वचुर्अल बैठक हुई थी। जिसमें बहुत सारे सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि मजदूरों के भविष्य के साथ अनेक कारखाना प्रबंधन और ठेकेदार खिलवाड़ कर रहे हैं। जिस पर भविष्य निधि आयुक्त ने कहा कि अगर यह बात सही है तो सभी सदस्य ऐसे कारखाना प्रबंधन और ठेकेदारों का नाम व पता सूचीबद्ध कर हमारे कार्यालय को पूरा पता व डिटेल प्रेषित करें। जिससे जांच के बाद दोषी पाये जाने वाले कारखाना प्रबंधन और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्यवाही किया जायेगा। किसी भी श्रमिक के साथ भविष्य में इस तरह की धोखाधड़ी नही होने दी जायेगी।