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नागरिक सुविधाओं में बढ़ोत्तरी के लिए आईटी आधारित नवाचारों में भी निवेश होगी डीएमएफ की राशि

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कलेक्टर ने अधिकारियों को कार्ययोजना तैयार करने के दिये निर्देश, थोड़े से नवाचारों से कार्यप्रणाली में हो सकता है अद्भुत सुधार
-वर्मी कंपोस्ट के अधिकतम उत्पादन को लक्षित करते हुए तकनीकी नवाचारों का सहारा लेकर करें काम

दुर्ग / शौर्यपथ / जनहित के अनेक कार्यों में आईटी आधारित थोड़ा सा नवाचार कर देने से नागरिक सेवाओं में लगने वाला समय काफी कम हो जाता है और सर्विस डिलीवरी की लागत भी काफी घट जाती है। इसे ध्यान में रखते हुए कलेक्टर डाॅ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने अधिकारियों को समीक्षा बैठक में निर्देशित किया कि आपके विभागों में आईटी बेस्ड जिन नवाचारों की जरूरत है जिनसे नागरिक जीवन सहज हो सकता है और जिनमें थोड़े से निवेश से न्यूनतम समय में अधिकतम सर्विस डिलीवरी की संभावना बढ़ जाती है, इन्हें चिन्हांकित कर डीएमएफ के लिए प्रस्तावित करें। उन्होंने अधिकारियों को विभाग की कार्ययोजना तैयार करने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि कार्ययोजना में ऐसे नवाचार भी शामिल करें जिनके किये जाने से नागरिकों का जीवन काफी आसान हो सकता है। बैठक में नगर निगम भिलाई आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी, जिला पंचायत सीईओ सच्चिदानंद आलोक, रिसाली कमिश्नर प्रकाश सर्वे, बीबी पंचभाई सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
कंपोस्ट खाद के अधिकतम उत्पादन के लिए अपनाएं नवाचार- कलेक्टर ने कहा कि गौठानों को स्वावलंबी बनाते हुए ठोस आर्थिक ईकाई के रूप में मजबूत करने के लिए यह आवश्यक है कि निरंतर नवाचार अपनाते रहें। कंपोस्ट खाद बनाने के समय इसकी तकनीकी बारीकियां, केंचुए की गुणवत्ता, डिकंपोजर आदि के प्रयोग पर विशेष नजर रखें। उन्होंने कहा कि इसकी तकनीक जितनी बेहतर होगी, गोबर से वर्मी खाद का उत्पादन उतना ही अधिक होगा। उन्होंने नरवा योजना के अंतर्गत नालों के जीर्णोद्धार की जानकारी भी ली। अधिकारियों ने बताया कि इस पर काम काफी हद तक पूरा हो चुका है। कलेक्टर ने कहा कि गौठानों को रोजगारोन्मुख बनाने की दिशा में पोल्ट्री यूनिट और मत्स्यपालन के लिए डबरी आदि पर जो कार्य हो रहा है उसे तेजी से बढ़ाएं ताकि गौठान स्वावलंबन की दिशा में लगातार कदम बढ़ा सकें।
सभी गार्डनों में गौठानों में बने वर्मी खाद का ही होगा प्रयोग- कलेक्टर ने सभी गार्डनों में गौठान में बनने वाले वर्मी खाद का ही प्रयोग करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में अवैध प्लाटिंग पर भी अंकुश लगाएं। साथ ही मार्निंग विजिट का कार्य निरंतर जारी रहे।
बारिश पूर्व तैयारियाँ सुनिश्चित करने दिये निर्देश- कलेक्टर ने बारिश पूर्व की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शहरों में जिन नालों की वजह से जलभराव की स्थिति बनती थी उनमें साफसफाई भी की गई और उपयोगी संरचनाएं भी तैयार कर ली गई हैं इस वजह से पूरी संभावना है कि इस बार जलभराव जैसी स्थिति निर्मित न हो, फिर भी अत्याधिक वर्षा की दशा में ऐसा हो तो पूरी तैयारी सुनिश्चित कर लें।
धान के बदले अन्य फसलों के लिए चिन्हांकन- कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि कृषि वैविध्य को बढ़ावा देने के लिए दलहन-तिलहन जैसी फसलों के लिए भी किसानों को प्रेरित करना आवश्यक है। इसके लिए सरकार ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत किसानों को प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया है। इस संबंध में अधिकाधिक किसानों को जानकारी दें और उन्हें इसके लिए तैयार करें। उन्होंने सभी एसडीएम से इसकी लगातार मानिटरिंग करने के निर्देश दिये।

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