Print this page

उपलब्धि पर काटा केक ,365 कैम्प में रिसाली नगर पालिक निगम के 19 हजार लोगों ने कराया स्वास्थ्य परीक्षण - आयुक्त एम.एम.यू. टीम को दी बधाई

  • doing of business

रिसाली / शौर्यपथ /

मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना लक्ष्य का पूरा करते हुए आगे बढ़ रहा है। रिसाली नगर पालिक निगम के स्लम क्षेत्र में रहने वाले 19000 लोगों ने इस योजना का लाभ लिया है। जबकि पूरे प्रदेश में में 5 लाख से अधिक लोगों ने इसका लाभ उठाया है। इस उपलब्धि के लिए एम.एम.यू. के स्टाफ ने आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे की उपस्थिति में केक काटा।
इस अवसर पर आयुक्त व नोडल अधिकारी रमाकांत साहू ने डॉक्टर, स्टाफ नर्स और फार्मसिस्ट से चर्चा की। उन्होंने शिविर में आने वाली समस्याओं के बारे में बातचीत की। टीम के सदस्यों द्वारा बताए कुछ बातों पर नोडल अधिकारी ने आश्वासन दिया कि वे जल्द ही समस्याओं को दूर करेंगे। उल्लेखनीय है कि प्रदेश भर में यह योजना 1 नवंबर 2020 को शुरू की गई और 5 लाख से अधिक लोगों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराकर दवाईया ली है। रिसाली निगम क्षेत्र की बात करे तो यहां पर 365 शिविर लगाए गए। वहीं 19 हजार स्लम क्षेत्र में रहने वाले महिला पुरूषों ने इसका लाभ लिया। इस उपलब्धि पर केक काटकर खुशियां मनाई गई।
इस अवसर पर कार्यपालन अभियंता सुशील बाबर, सहायक अभियंता बीके सिंह व राजकुमार जैन समेंत एमएमयू की डॉक्टर मोनिका चंद्राकर, एरिया प्रोजेक्ट मैनेजर प्रवीण कुमार, फार्मसिस्ट परवीन बानो, राहुल कुमार, स्टाफ नर्स सुभद्रा पटेल, आशा निर्मलकर व एलटी वैशाली बारले व लक्ष्मण चंद्राकर आदि उपस्थित थे।
निगम करेगा पहल
नोडल अधिकारी रमाकांत साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत लगाए जाने वाले शिविर में ब्लड ग्रुप जांच, मलेरिया व डेंगू जांच की सुविधा उपलबध कराने निगम पहल करेगा। इसके लिए वे जल्द ही संबंधित को पत्र लिखेंगे।

बारिश व्यवधान न बने इसके लिए जगह की तलाश

आमतौर पर शिविर वार्ड के खुले स्थान पर लगाया जा रहा है। आयुक्त ने निर्देश दिए है कि शिविर में बारिश किसी तरह का व्यवधान न बने। इसके लिए वार्ड में समुदायिक भवन, मंच व अन्य शेड वाले स्थान का चयन किया जाएगा।
जाने एम.एम.यू. सेवाए को
- यह सेवा मुख्य रूप से स्लम बस्ती में रहने वालों के लिए है।
- इसमें इसीजी समेत 24 प्रकार की जांच करने की सुविधा है।
- स्वास्थ्य परीक्षण के बाद नि:शुल्क दवा वितरण किया जाता है।
- गंभीर मरीजों को तत्काल हायर सेंटर रेफर किया जाता है।

Rate this item
(0 votes)
शौर्यपथ

Latest from शौर्यपथ