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क्वारेंटाइन सेंटरों में महिलाओं को निःशुल्क सेनेटरी नैपकिन का हो रहा वितरण

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आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पढ़ा रही शारीरिक दूरी का पाठ ।
रख रही है किशोरियों और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य का ध्यान

Shorypath Health

रायपुर ज़िले के तिल्दाविकासखंडकी 102 ग्राम पंचायतों मे प्रवासी श्रमिकों के लियें बने 99 क्वॉरेंटाइन सेंटरों में लोगों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ वहां पर निवासरत महिलाओं, बच्चे, किशोरियों और गर्भवती महिलाओं, के स्वास्थ्य और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है ।
आश्रय स्थल में रुकी किशोरियों और महिलाओं के लिए सेनेटरी पैड्स का भी निशुल्क वितरण किया जा रहा है। अब तक 145 सेनेटरी पैड के पैकेट वितरित किये गए है । आश्रय स्थलों में आने वाली महिलाओं को नियमित रूप से समय चक्र के अनुसार सेनेटरी पैड बांटे जा रहे है । इस्तेमाल किये सेनेटरी पैड का निष्पादन गाइडलाइन के अनुसार किया जाता है ।
ईट भट्ठा में काम करने वाली उत्तर प्रदेश के सफीपुर तहसील से लौटी ग्राम बरोंडा निवासी 19 वर्षीय सुश्री सुनीता सोनकर (बदला हुआ नाम) ने बताया क्वारेंटाइन सेंटर में खाना के साथ ही उसकेस्वास्थ्य का ख्याल भीप्रशासन रखा रहा है। ``सफर में हमारेपास सेनेटरी नैपकिन नही थी और समय भी मासिक चक्र का पूर्ण हो गया था। यहॉ आने पर सेनेटरी नैपकिन मिलने से हमें बहुत खुशी हुई इसके लिए हम प्रशासन को धन्यवाद देते हैं।‘’
तिल्दा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जनपद पंचायत (सीईओ) राजेंद्र पांडे के मार्गदर्शन में श्रमिक क्वॉरेंटाइन सेंटर में नियमित रख रखाव किया जा रहा है और सभी सुविधाएं भी दी जा रही हैं ।
महिला एवं बाल विकास विभाग के सीडीपीओ अमित सिन्हा ने बताया विभाग द्वारा रेडी टू ईट का वितरण समस्त ग्राम पंचायतों में किया गया है ।
विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ आशीष सिन्हा ने बताया क्वॉरेंटाइन सेंटरमें आने वाली प्रवासी महिलाओं किशोरियों और बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच की जाती है । विशेष रुप से गर्भवती महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य का ध्यान रखा जाता है । महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से बच्चों को शारीरिक डिस्टेंसिंग के बारे में माताओं को जागरुक भी किया जा रहा है । किशोरियों के स्वास्थ्य को लेकर भी विभाग द्वारा नियमित रुप से जागरुक किया जा रहा है, उन्होंने बताया।
डॉ. सिन्हा ने बताया क्वॉरेंटाइन सेंटर में क्वॉरेंटाइन की अवधि 14 दिन की है । दिन में तीन बार प्रवासियों को खाना दिया जाता है जिसमें सुबह का नाश्ता भी शामिल है । उन्होंने बताया क्वॉरेंटाइन सेंटर में लोगों में शारीरिक दूरी का पालन कराना एक बड़ी चुनौती है लेकिन इसका पालन करवाया जा रहा है । लोगों को साफ सफाई और बच्चों को शारीरिक दूरी का पालन करने के लिए समझाया जाता है ।
डॉ. सिन्हा ने बताया 27अप्रैल से प्रवासियों का आना प्रारंभ हो गया था । अब तक लगभग 2400 प्रवासी आ चुके है। इनमें से लगभग 2000 प्रवासियों ने अपनी क्वॉरेंटाइन की अवधि को पूरा किया है और अब वह अपने घरों को जा चुके है । लगभग 400प्रवासी अभी क्वॉरेंटाइन सेंटरों में निवासरत है ।
इस विकासखंड में अब तक कुल 2 पॉजीटिव केस क्वॉरेंटाइन सेंटर में मिले हैं जिनका उपचार किया जा रहा है । साथ ही क्वॉरेंटाइन अवधि के 14 दिन के भीतर आए हुए ऐसे प्रवासियों का कोविड-19 का टेस्ट कराया जाता जिनमें संक्रमित होने के लक्षणों पाए जाते हैं । क्वॉरेंटाइन अवधि पूर्ण होने तक अगर जांच रिपोर्ट नहीं आती है तो उसको रिपोर्ट आने तक रोक लिया जाता है।रोके गए प्रवासी को भी पूर्व के अनुसार ही समस्त सुविधाएं दी जाती हैं ।
नगर निरीक्षक शरद चंद्र ने बताया तिल्दा विकासखंड की 102 ग्राम पंचायतों मे बने 99क्वॉरेंटाइन सेंटर का नियमित भ्रमण किया जाता है ।सुरक्षा के लियें समस्त क्वॉरेंटाइन सेंटर के प्रभारियों और सरपंचों को थाने के नम्बर के साथ साथ ज़िम्मेदार लोगों के नम्बर का वितरण किया गया

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राज शेखर नायर

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