July 23, 2024
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रायपुर

रायपुर (4847)

प्रशासन द्वारा लोगों को तत्काल  पहुंचाया गया सुरक्षित स्थान पर
  रायपुर /शौर्यपथ / दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल पहाड़ी में एनएमडीसी द्वारा निर्मित एन-1 बी डेम जिले में अत्यधिक बारिश होने के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है,  जिसके कारण अनेक घर बाढ़ की चपेट में क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इस संबंध में जिला प्रशासन द्वारा तत्काल लोगों को सुरक्षित स्थान ले जाया गया है। इसके अलावा किरंदुल के गाटर पुलिया एवं सीएससी सेंटर के पास भी बारिश से जल जमाव होने से जेसीबी मशीन के द्वारा रोड की साफ सफाई भी किया गया है।

यहां भी जिला प्रशासन के द्वारा निचले स्तर पर बसी बस्तियों में  जलभराव स्थिति को देखते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट  किया जा रहा है। इसके साथ ही जिला प्रशासन मौके पर तैनात होकर रेस्क्यू कर रहा है तथा प्रभावित परिवारों को मंगल भवन में ठहराया जा रहा है। इस दौरान ट्यूशन पढ़ने जा रहे बच्चे, जो बाढ़ की चपेट में आ गए थे, उन्हें भी रेस्क्यू कर बचाया गया है और उनको अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। वर्तमान में उनकी स्थिति सामान्य है। जिला प्रशासन द्वारा लगातार भारी बारिश के  कारण बाढ़ग्रस्त क्षेत्र के समीप रहने वाले लोगों को अन्य जगह शिफ्ट होने की हिदायत दी जा रही है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

शहर में 10 करोड़ की लागत से बनेगा नया गार्डन
बॉक्स क्रिकेट एवं बैडमिंटन कोर्ट का किया लोकार्पण
कमला नेहरू गार्डन के उन्नयन कार्य का भूमि पूजन
रायपुर/शौर्यपथ /रायगढ़ शहर में नगर वासियों की सुविधा के लिए नया गार्डन बनेगा। वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी ने आज इसके लिए 10 करोड़ रूपये की घोषणा की और अधिकारियों को स्थल का चिन्हांकन तथा जल्द प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। वे आज शहर के नटवर स्कूल परिसर में बने बॉक्स क्रिकेट एवं बैडमिंटन कोर्ट के लोकार्पण और कमला नेहरू गार्डन के उन्नयन कार्य के भूमि पूजन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे।
      वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कार्यक्रम में कहा कि राज्य सरकार द्वारा खेल, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क निर्माण सहित सभी मूलभूत सुविधाओं में वृद्धि की जा रही है। आने वाले समय में सभी के सहयोग से रायगढ़ विकास के नए पायदान पर स्थापित होगा। उन्होंने शहर में हो रहे निर्माण कार्य निर्धारित समयावधि एवं पूर्ण गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने नटवर स्कूल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में 20 लाख 33 हजार रुपए की लागत से बॉक्स क्रिकेट एवं 8 लाख 71 हजार रुपए की लागत से बैडमिंटन कोर्ट का विधिवत पूजा-अर्चना कर लोकार्पण किया। इस दौरान मंत्री श्री चौधरी ने बॉक्स क्रिकेट में क्रिकेट और बैडमिंटन कोर्ट पर बैडमिंटन खेलकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।


वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कमला नेहरू गार्डन में आयोजित कार्यक्रम में 26 लाख 81 हजार रूपये की लागत से गार्डन उन्नयन कार्य का भूमि पूजन किया। उन्नयन कार्य के अंतर्गत गार्डन में शौचालय, रिनोवेशन, साइड बाउंड्री वॉल, फब्बारा उन्नयन, प्रवेश द्वार, फुटपाथ आदि का निर्माण किया जाएगा।

    रायपुर/शौर्यपथ / राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 378.1 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से आज 22 जुलाई सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 936.9 मिमी और सरगुजा जिले में सबसे कम 147.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।
    राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर जिले में 211.6 मिमी, बलरामपुर में 346.6 मिमी, जशपुर में 257.7 मिमी, कोरिया में 254.2 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 212.9 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी।

    इसी प्रकार, रायपुर जिले में 312.5 मिमी, बलौदाबाजार में 347.0 मिमी, गरियाबंद में 458.5 मिमी, महासमुंद में 261.8 मिमी, धमतरी में 444.5 मिमी, बिलासपुर में 353.2 मिमी, मुंगेली में 354.9 मिमी, रायगढ़ में 337.3 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 206.0 मिमी, जांजगीर-चांपा में 337.9 मिमी, सक्ती में 283.7 कोरबा में 401.9 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 347.5 मिमी, दुर्ग में 247.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 311.7 मिमी, राजनांदगांव में 429.9 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़चौकी में 438.1 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 287.7 मिमी, बालोद में 510.8 मिमी, बेमेतरा में 229.0 मिमी, बस्तर में 526.9 मिमी, कोण्डागांव में 431.0 मिमी, कांकेर में 515.2 मिमी, नारायणपुर में 519.7 मिमी, दंतेवाड़ा में 505.1 मिमी और सुकमा जिले में 709.8 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।

मेडिकल एवं फिजिकल फिटनेस और मेरिट के आधार पर हुआ चयन
अंतर्राष्ट्रीय स्तर के तीरंदाजी खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को विशेष सत्र के लिए आमंत्रित किया जाएगा
    रायपुर/शौर्यपथ /खेल एवं युवा कल्याण विभाग के द्वारा रायपुर में संचालित आवासीय तीरंदाजी अकादमी के लिए 20 बालक तथा 20 बालिकाओं का चयन किया गया है। राज्य स्तरीय चयन ट्रायल का आयोजन दिनांक 25 एवं 26 जून को रायपुर के स्वामी विवेकानन्द स्टेडियम एवं खेल संचालनालय परिसर तीरंदाजी एरिना में सम्पन्न हुआ।
    खेल संचालक श्रीमती तनुजा सलाम के निर्देश पर चयन ट्रायल के नोडल अधिकारी चेतन कुमार श्रीवास प्रशासक खेल अकादमी रायपुर के द्वारा चयन ट्रायल सुव्यवस्थित तरीके से कराया गया। चयन समिति में भारतीय खेल प्राधिकरण प्रशिक्षण केन्द्र रायपुर तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के (एन.आई.एस.) प्रशिक्षक शामिल रहे। चयनकर्ताओं के द्वारा खिलाड़ियों के फिटनेस से संबंधित मोटर एबिलिटी टेस्ट, मेडिकल टेस्ट, स्पोर्ट्स स्कील टेस्ट एवं मेंटल एबिलिटी टेस्ट लिये गए। निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले खिलाड़ियों को ही प्रदर्शन के आधार पर मेरिट क्रमानुसार 13 से 17 वर्ष आयुवर्ग के खिलाड़ियों का चयन किया गया है।

    प्रदेश भर से आए खिलाड़ियों ने चयन ट्रायल में भाग लिया, इसमें राज्य के जिले रायपुर से 05 बालिका और 09 बालक, सरगुजा से 07 बालिका, धमतरी से 02 बालक और 04 बालिका, महासमुंद से 05 बालिका और 02 बालक, नारायणपुर से 03 बालक, बिलासपुर से 01 बालक, कोण्डागांव से 01 बालक एवं गरियाबंद जिले से 01 बालिका का चयन किया गया है। इन चयनित खिलाड़ियों को 10 दिवस के भीतर अकादमी में प्रवेश दिया जाएगा। यदि चयनित खिलाड़ी में से कोई प्रवेश लेने में असमर्थ रहता है, तो प्रतीक्षा सूची में से मेरिट के आधार पर प्रवेश देने की कार्यवाही की जाएगी।
    खेल अकादमी में प्रवेश लेने वाले खिलाड़ियों को खेल अकादमी संचालन नियम-2014 के अंतर्गत निःशुल्क आवास, भोजन, शैक्षणिक सुविधा, परिधान, प्लेइंग किट, दुर्घटना बीमा एवं प्रतियोगिताओं में सहभागिता आदि सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। आवासीय खेल अकादमी के खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेलने के लिए तैयार किया जाएगा। इसके लिए राज्य शासन के द्वारा एन.आई.एस. प्रशिक्षकों की भर्ती की गई है। समय समय पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर के तीरंदाजी खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को खेल अकादमी में आमंत्रित कर विशिष्ट प्रशिक्षण का आयोजन भी कराया जाएगा।

   रायपुर/शौर्यपथ / प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आव्हान पर एक वृक्ष माँ के नाम अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में लगातार वृक्षारोपण किया जा रहा है। इसी तारतम्य में छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग में भी एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण किया गया। नवा रायपुर स्थित आयोग कार्यालय के परिसर में आयोग के सचिव गोपाल वर्मा सहित उप सचिव श्रीमती आभा तिवारी, अवर सचिव गीता दीवान, अतुल वर्मा, प्रदीप गौर, श्रीमती रजनी सहित अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने वृक्षारोपण किया।

वृक्षारोपण में आम, अमरूद, जामुन, करौंदा, अनार, पीपल, बड़, नीम, सीताफल, सन्तरा, आँवला, चीकू, नीबू आदि फलदार पौधों के साथ ही पारिजात, मोंगरा, कचनार, मधुमालती गुलमोहर आदि फूलों के पौधे लगाए गए। इस दौरान सूचना आयोग के कर्मचारियों ने पौधों को अपनी माँ को समर्पित कर पौधों की सुरक्षा करने का भी संकल्प लिया।

   रायपुर /शौर्यपथ / बेहतर वितरण प्रणाली से देश-विदेश में अपनी पहचान साबित कर चुकी छत्तीसगढ की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस ) सही मायने में ग्रामीणों के लिये वरदान साबित हो रही है। दूरस्थ अंचल तक शासकीय उचित मूल्य की दुकान संचालित होनें से पहाडी व सरहदी इलाकों में बसने वाले ग्रामीणों को सहूलियते बढ गई है साथ ही सैकड़ों गरीब परिवारों को समय पर खाद्यान्न मिलने की गारंटी भी हो गई है। राज्य  में ऐसे कई ग्राम पंचायत है जो दूरस्थ क्षेत्र में होने के साथ ही मजरा टोले एवं पारा से जुड़े है और इन ग्रामों की आबादी न तो घनी है है और न ही अधिकांश घर आस पास है। विषम परिस्थितियों के बीच बसर करने वाले ग्रामीणों का शासकीय उचित मूल्य की दुकान खाद्यान्न सहायता योजना अंतर्गत मिल रही खाद्यान्न ही एकमात्र सहारा है, जहां इन्हें प्रत्येक माह चावल समेत दूसरी सामग्री मिलने की गारंटी होती है। कोरबा जिले के सुदूर वनांचल लामपहाड़ सहित बगदरीडांड, परसाखोला, बहेरा, खोरी भावना,सरडीह के कार्डधारियों को पहले अपने ग्राम पंचायत में 12 से 17 किलोमीटर तक की दूरी तय कर खाद्यान्न लाना पड़ता था। इस दौरान उन्हें खाद्यान्न लाने के लिए किराए का वाहन तक भी लेना पड़ता था। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशानुशार कलेक्टर  के निर्देश पर खाद्य विभाग ने राशन दुकान से बहुत दूर आश्रित ग्रामों के कार्डधारियों को नजदीक के राशन दुकानों में खाद्यान्न लेने की व्यवस्था की है। इस व्यवस्था से सबसे ज्यादा दूरस्थ क्षेत्र लाम पहाड, सरडीह, बगदरीडांड में रहने वाले पहाड़ी कोरवा लाभन्वित हुए हैं।


कोरबा विकासखंड से लगभग 80 किलोमीटर दूर ग्राम लामपहाड में बड़ी संख्या में पहाड़ी कोरवा निवास करते हैं। लामपहाड़ ग्राम पंचायत बड़गांव का आश्रित ग्राम है। जो कि बड़गांव से 12 किलोमीटर दूर है। लामपहाड़ से लगभग 4 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत अरसेना के शासकीय उचित मूल्य के दुकान में 78 राशनकार्डधारियों को खाद्यान्न प्रदान करने की सुविधा प्रदान की गई है। इसी तरह ग्राम पंचायत बेला से 6 किलोमीटर दूर परसाखोला के 66 राशनकार्डधारियों को दो किलोमीटर दूर चुईया के राशन दुकान में खाद्यान्न प्राप्त करने की सुविधा प्रदान की गई है। ग्राम सोनगुड़ा के आश्रित ग्राम तराईडांड की दूरी 5 किलोमीटर दूर होने पर नजदीक के ग्राम 1.5 किलोमीटर दूरी पर स्थित सोनपुरी में, गढ़उपरोड़ा के आश्रित ग्राम बहेरा की दूरी 10 किमी होने पर तीन किलोमीटर दूर सतरेंगा में और ग्राम पंचायत केराकछार के आश्रित ग्राम बगदरीडांड, खोरीभावना, सरडीह की दूरी लगभग 17 किलोमीटर थी। जिसे 5 किलोमीटर दूर मदनपुर के शासकीय उचित मूल्य के दुकानों में स्थानान्तरित कर में हितग्राहियों को नजदीक के राशन दुकानों में खाद्यान्न प्राप्त करने की सुविधा दी गई है। शासकीय उचित मूल्य की दूकान से कार्डधारी ग्रामीणों को अनाज एवं अन्य सामग्री, शक्कर, नमक तथा चना प्राप्त होता है। अलग-अलग गांव के ग्रामीणों की जरूरतों की पूर्ति महीने के निर्धारित दिनों में होती है। ग्रामीणों की माने तो पहले लंबी दूरी तय कर चावल लाना बड़ी चुनौती थी।
 महीने भर की चिंता से मिलती है मुक्ति-
ग्राम लामपहाड का पहाड़ी कोरवा संतोष कुमार और उनकी पत्नी दिलेश्वरी बाई, रघुवीर कोरवा और उनकी पत्नी सुखमती बाई, मंगलू कोरवा, धनसिंह मजदूरी का काम करता है। पहाड़ी कोरवा बताते हैं कि सरहदी पहाड़ी इलाका होने की वजह से खेती कार्य आसान नही है, ऐसी स्थिति में राशन कार्ड उनके परिवार का प्रमुख सहारा है। पहाड़ी कोरवा संतोष बताता है कि महीने में एक बार 12 किलोमीटर दूर बड़गांव के राशन दुकान में जाने में बहुत समय लगता था। वहां से अनाज को उठाकर इतनी दूरी तय करना भी मुश्किल था, इसलिए किराए में वाहन करना पड़ जाता था। अब पास के ही दुकान में खाद्यान्न उपलब्ध होने से उनका समय और किराए के वाहन का पैसे भी बचेंगे।

  रायपुर/शौर्यपथ / सूरजपुर जिले के अंतर्गत ग्राम रमेशपुर के ग्रामीणों में खुशी की लहर छाई है, क्योंकि नए ट्रांसफार्मर लगने से पूरा रमेशपुर जगमगा उठा है। वहां के ग्रामीण लगातार लो वोल्टेज और अघोषित बिजली कटौती, बार-बार ट्रांसफार्मर का खराब हो जाने जैसी समस्या से लंबे समय से परेशान थे। यहां के किसानों द्वारा धान की बुवाई हेतु लगाए गए थरहा पर्याप्त वर्षा न होने के कारण सुख जा रहा था, किसानों का कहना था कि यदि बिजली रहेगी तो हम मोटर पंप के जरिए धान के थरहा को सूखने से बचा सकते हैं। इन सभी समस्याओं से ग्रामवासियों ने महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े को अवगत कराया।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने किसानों और ग्रामवासियों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए बिजली विभाग के अधिकारियों को नया ट्रांसफार्मर लगाने के निर्देश दिए। मंत्री के निर्देश के 24 घंटे के अंदर ही तत्काल नया ट्रांसफार्मर लगाया गया। नए ट्रांसफार्मर के लगने से गांव में खुशी व्याप्त है और समस्त ग्रामवासियों ने मंत्री श्रीमती राजवाड़े का आभार व्यक्त किया है।

वर्षों से अनुसूचित जनजाति में शामिल होने की बाट जोह रही जाति के प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री से मिल कर आभार जताया
छत्तीसगढ़ के आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा इन जातियों को लक्षणों के आधार पर अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की अनुशंसा की है
   रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वर्षों से अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र प्राप्त करने की बाट जोह रही छत्तीसगढ़ की पबिया, पविया, पवीया जाति को अनुसूचित जनजातियों की सूची में पाव जाति के साथ शामिल करने के लिए संवेदनशील पहल की है। मुख्यमंत्री ने इन जातियों का नृजातीय अध्ययन प्रतिवेदन अनुशंसा सहित भारत सरकार के जनजाति कार्य मंत्रालय को आगे की कार्यवाही के लिए भेजा है।
प्रदेश भर से आए पाव, पबिया, पविया, पवीया जाति के प्रतिनिधि मंडल ने विधायक श्री रामकुमार यादव के नेतृत्व में आज विधानसभा के समिति कक्ष में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मुलाकात कर उनकी इस संवेदनशील पहल के लिए आभार प्रकट किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रतिनिधि मंडल को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोगों की लंबे समय से अनुसूचित जनजातियों की सूची में शामिल होने की मांग थी। राज्य शासन द्वारा अनुशंसा सहित प्रतिवेदन भारत सरकार को भेजा गया है। उम्मीद है इसका सकारात्मक परिणाम आएगा। उन्होंने बारिश के मौसम में प्रदेश भर से रायपुर आने के लिए प्रतिनिधि मंडल को धन्यवाद दिया।
प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि
मध्य प्रदेश के समय उन लोगों के अनुसूचित जनजाति के प्रमाण पत्र बन रहे थे, लेकिन मात्रात्मक त्रुटि के कारण पिछले 22 वर्षों से प्रमाण पत्र बनना बंद हो गया है, इसकी वजह से हमारे बच्चों को अनुसूचित जनजाति वर्ग को मिलने वाले लाभ नहीं मिल पा रहे हैं। हमारे बच्चे पढ़ाई-लिखाई में आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा भारत सरकार के जनजाति कार्य मंत्रालय को अनुशंसा सहित प्रतिवेदन भेजने के लिए धन्यवाद दिया।


प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि पूरे प्रदेश में इन जातियों की जनसंख्या लगभग 22 हजार है। यूं तो ये लोग पूरे प्रदेश में पाए जाते हैं लेकिन प्रमुख रूप से चंद्रपुर, रायगढ़, लैलूंगा, खरसिया, पेंड्रा, मरवाही और जशपुर में रहते हैं।
छत्तीसगढ़ के आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा पाव, पबिया, पविया, पवीया जाति का नृजातीय अध्ययन करने के बाद प्रतिवेदन तैयार किया है, जिसमें इन जातियों को लक्षणों के आधार पर अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की अनुशंसा की गई है।
विधायक श्री रामकुमार यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय संवेदनशील मुख्यमंत्री हैं। आज उपस्थित जाति के लोग वास्तव में आदिवासी हैं, लेकिन उन्हें लाभ नहीं मिल पा रहा है। इनके हित में मुख्यमंत्री जी ने अच्छी पहल की है। उन्होंने समाज के सामाजिक भवन के लिए रायपुर में जमीन उपलब्ध कराने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने नजदीक से महसूस किया है जनजातियों का दर्द
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय स्वयं भी अनुसूचित जनजाति वर्ग से हैं। उन्होंने बिरहोर, पहाड़ी कोरवा सहित अनुसूचित जनजातियों के लिए अपने सार्वजनिक जीवन के प्रारंभ से काम किया है, इसलिए वे जनजातियों का दर्द अच्छे से जानते हैं।

सभी स्कूलों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की करेंगे पदस्थापना, युक्तियुक्तकरण से स्कूलों को मिलेंगे शिक्षक
   रायपुर/शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा में प्रश्नकाल में स्कूल शिक्षा के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ में शिक्षकों और विद्यार्थियों का अनुपात राष्ट्रीय अनुपात से बेहतर है। उन्होंने बताया कि देश में 26 विद्यार्थियों के पीछे एक शिक्षक हैं जबकि प्रदेश में 21 विद्यार्थियों के पीछे एक शिक्षक है। शिक्षकों की पदस्थापना में अब तक कुछ अव्यवस्थाएं थी। जिसके कारण शिक्षकों की कमी परिलक्षित हो रही थी। इन कारणों से सर्वप्रथम युक्तियुक्तकरण करना पहली प्राथमिकता होगी। कुछ स्कूलों में जहां विषय संकाय है वहां शिक्षक नहीं है जहां विषय संकाय नहीं है वहां शिक्षक हैं। कुछ स्थानों पर राज्य के अनुपात से भी बहुत कम विद्यार्थियों पर शिक्षक है। कुछ स्थानों पर तो 4-5 विद्यार्थी पर एक शिक्षक है। युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया हेतु ऐसे स्कूलों का चिन्हांकन किया जा रहा है और शीघ्र ही सभी स्कूलों में शिक्षकों की पदस्थापना कर दी जाएगी। इससे सभी स्कूलों में शिक्षक उपलब्ध हो जाएंगे और शिक्षा का स्तर और भी अच्छा हो जाएगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शिक्षकों की व्यवस्था के साथ ही अधोसंरचना विकास पर भी हम काम कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में शिक्षक और विद्यार्थियों का अनुपात राष्ट्रीय औसत से भी बेहतर है। युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पूरी होने से सभी स्कूलों में शिक्षक मिल सकेंगे। साय सरकार द्वारा किये जा रहे युक्तियुक्तकरण का सकारात्मक असर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर पड़ेगा और ऐसे स्कूलों में भी शिक्षक मिल जाएंगे जहां शिक्षकों की कमी की वजह से शिक्षा प्रभावित हो रही है।

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