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प्रभु यीशु मसीह ने प्रेम और सद्भाव का रास्ता दिखाया, विकास का मूलमंत्र भी यही है : भूपेश बघेल

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सेन्ट पॉल केथेड्रल पहुंचकर प्रार्थना में शामिल हुए मुख्यमंत्री

मसीही समाज तथा प्रदेशवासियों को क्रिसमस की दी बधाई

प्रदेश के सुख-समृद्धि की कामना की

रायपुर /शौर्यपथ/

प्रदेश के सुख-समृद्धि की कामना की

मसीही समाज तथा प्रदेशवासियों को क्रिसमस की दी बधाई

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल आज क्रिसमस पर्व पर राजधानी रायपुर के सेन्ट पॉल केथेड्रल पहुंचकर प्रार्थना में शामिल हुए और प्रदेश के सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। उन्होंने मसीही समाज सहित समस्त प्रदेशवासियों को क्रिसमस की बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर  बघेल ने कहा कि प्रेम, दया, करुणा और ईश्वर पर विश्वास ही मुक्ति का रास्ता है। यही रास्ता प्रभु यीशु मसीह ने हमें दिखाया है। जहां प्रेम और सद्भाव होगा वहां विकास भी होगा। छत्तीसगढ़ की संस्कृति के मूल्य भी यही हैं और छत्तीसगढ़ शासन का मूलमंत्र भी यही है।

 बघेल ने कहा कि प्रभु यीशु मसीह ने स्वयं कष्ट सहकर भी पीड़ितों की सेवा करते रहने का मार्ग हमें दिखाया है। पिछले दो-तीन दशकों में पूरी दुनिया में मानव-मूल्यों में तेजी से गिरावट आई है। हिंसा और घृणा का वातावरण घना हुआ है। ऐसे में प्रभु यीशु मसीह के संदेशों की प्रासंगिकता और बढ़ जाती है। हम सभी को उनकी शिक्षाओं को याद रखने और उनका अनुसरण करने की जरूरत है। नफरत का रास्ता जंग और अशांति का रास्ता है, जबकि प्रेम का रास्ता शांति और सद्भाव का रास्ता है। प्रभु यीशु मसीह ने जिन गुणों को धारण करने का आदेश दिया है, वे सभी गुण हमारी छत्तीसगढ़िया संस्कृति में हमेशा से विद्यमान है। सभी तरह के विश्वासों और परंपराओं का आदर ही हमारी सांस्कृतिक विशेषता है।

 बघेल ने कहा कि पिछले तीन वर्षों के दौरान हमने अधोसंरचना के निर्माण के साथ-साथ अपने सामाजिक ताने-बाने को मजबूत बनाने के लिए भी काम किया है। तीन वर्ष पहले हम लोगों ने नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने का संकल्प लिया था। हमारे सपनों का वह छत्तीसगढ़ आज साकार होकर सबके सामने हैं। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर केथेड्रल में उपस्थित लोगों के साथ केक काटकर क्रिसमस सेलिब्रेट किया। चर्च में उपस्थित सभी लोगों ने प्रभु की प्रार्थना की। चर्च के गायन दल ने कैरोल गीत प्रस्तुत किए। नवनिर्वाचित बिशप  अजय जेम्स द्वारा मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल का पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल के अध्यक्ष  कुलदीप जुनेजा, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष  महेन्द्र छाबड़ा, विधायक  रेणु जोगी, महापौर  ऐजाज ढेबर, पूर्व विधायक  अमित जोगी सहित मसीही समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

। इस अवसर पर  बघेल ने कहा कि प्रेम, दया, करुणा और ईश्वर पर विश्वास ही मुक्ति का रास्ता है। यही रास्ता प्रभु यीशु मसीह ने हमें दिखाया है। जहां प्रेम और सद्भाव होगा वहां विकास भी होगा। छत्तीसगढ़ की संस्कृति के मूल्य भी यही हैं और छत्तीसगढ़ शासन का मूलमंत्र भी यही है।

 बघेल ने कहा कि प्रभु यीशु मसीह ने स्वयं कष्ट सहकर भी पीड़ितों की सेवा करते रहने का मार्ग हमें दिखाया है। पिछले दो-तीन दशकों में पूरी दुनिया में मानव-मूल्यों में तेजी से गिरावट आई है। हिंसा और घृणा का वातावरण घना हुआ है। ऐसे में प्रभु यीशु मसीह के संदेशों की प्रासंगिकता और बढ़ जाती है। हम सभी को उनकी शिक्षाओं को याद रखने और उनका अनुसरण करने की जरूरत है। नफरत का रास्ता जंग और अशांति का रास्ता है, जबकि प्रेम का रास्ता शांति और सद्भाव का रास्ता है। प्रभु यीशु मसीह ने जिन गुणों को धारण करने का आदेश दिया है, वे सभी गुण हमारी छत्तीसगढ़िया संस्कृति में हमेशा से विद्यमान है। सभी तरह के विश्वासों और परंपराओं का आदर ही हमारी सांस्कृतिक विशेषता है।

 

 

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