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​​​​​​​प्रदेश में कोदो-कुटकी-रागी के उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा

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आगामी सीजन में उत्पादन रकबे में बढ़ोत्तरी के लिए बनेगी कार्ययोजना

प्रदेश में 69 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में होती है मिलेट्स की खेती

अगले खरीफ वर्ष तक फसल उत्पादन रकबा 1.17 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में मिलेट मिशन की अंतर्विभागीय समन्वय समिति की आयोजित की गई बैठक

रायपुर /शौर्यपथ/

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा प्रदेश के मिलेट्स के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रारंभ किए गए मिलेट मिशन के तहत प्रदेश में कोदो-कुटकी और रागी के उत्पादन रकबे में बढ़ोत्तरी के लिए कार्ययोजना बनाई जाएगी। प्रदेश में वर्तमान में 69 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में इन फसलों का उत्पादन किया जाता है। अगले खरीदी वर्ष तक फसल उत्पादन के क्षेत्र को बढ़ाकर एक लाख 17 हजार हेक्टेयर किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित मिलेट मिशन की अंतर्विभागीय समन्वय समिति की बैठक में कृषि विभाग-बीज विकास निगम-छत्तीसगढ़ लघु वनोपज संघ को आगामी सीजन में मिलेट्स के उत्पादन के रकबे में बढ़ोत्तरी और जरूरी बीज की उपलब्धता, उपलब्ध कोटो-कुटकी-रागी के प्रसंस्करण और मार्केटिंग के संबंध में विस्तृत कार्ययोजना बनाने और राज्य स्तरीय कमेटी के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है। मुख्य सचिव ने कोदो-कुटकी-रागी के फायदों के विषय में किसानों को जानकारी देेने और इनके उत्पादन के लिए किसानों को प्रेरित करने कहा है।

बैठक में मिलेट्स के प्रसंस्करण के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाने के संबंध में भी चर्चा की गई। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा कोदो-कुटकी-रागी की खरीदी समर्थन मूल्य पर की जा रही है। इस खरीदी वर्ष में अब तक 27 हजार क्विंटल मिलेट्स की खरीदी की जा चुकी है। गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ में निर्धारित समर्थन मूल्य के तहत कोदो 30 रूपए, कुटकी (काला) 30 रूपए, कुटकी (भूरा) 30 रूपए, रागी 33.77 रूपए प्रति किलोग्राम की दर पर खरीदी की जा रही है। बैठक में प्रमुख सचिव वन मनोज पिंगुआ, संचालक कृषि यशवंत कुमार, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य बीज विकास निगम भुवनेश यादव, प्रबंध संचालक राज्य लघु वनोपज संघ संजय शुक्ला शामिल थे।

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