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छत्तीसगढ़ के आकांक्षी और हाईबर्डन जिले में होगा फोर्टिफाइड चावल का वितरण

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रायपुर /शौर्यपथ/

छत्तीसगढ़ के आकांक्षी जिलों और हाईबर्डन जिलों में कुपोषण और एनीमिया जैसी समस्याओं से निपटने के लिए राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2022-23 में 10 आंकाक्षी जिलों और 02 हाईबर्डन जिलों में मार्च 2022 से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत राज्य योजना के राशनकार्डधारी परिवारों को फोर्टिफाइड चावल का वितरण किया जाएगा। राईस फोर्टिफिकेशन की शत-प्रतिशत खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। यह निर्णय मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में किया गया है।

खाद्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सार्वजनिक वितरण प्रणाली में राज्य योजना के राशनकार्डों में चावल का वार्षिक आबंटन लगभग 3 लाख 89 हजार 486 टन है। इस चावल के फोर्टिफिकेशन के लिए लगभग 28.43 करोड़ और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के हितग्राहियों को फोर्टिफाइड चावल के वितरण के लिए राज्य सरकार द्वारा 11.16 करोड़ इस प्रकार की 39.59 करोड़ रूपए की राशि व्यय की जाएगी।

फोर्टिफाइड चावल का वितरण राज्य के 10 आकांक्षी जिले कोरबा, राजनांदगांव, महासमुंद, कांकेर, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, बस्तर, कोण्डागांव, सुकमा तथा 2 हाईबर्डन जिले कबीरधाम और रायगढ़ में किया जाएगा। इन जिलों में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के राशनकार्डों की तरह ही राज्य योजना के राशनकार्डों में फोर्टिफाइड चावल का वितरण किया जाएगा।
गौरतलब है कि ‘फोर्टिफाइड’ चावल आयरन और विटामिन से युक्त होता है। इस चावल में विटामिन ए, विटामिन बी1, विटामिन बी12, फोलिक एसिड, आयरन और जिंक सभी पोषक तत्व का मिश्रण होता है। यह लोगों की खुराक में आवश्यक पौष्टिक तत्वों की पूर्ति के साथ ही कुपोषण के नियंत्रण में काफी हद तक मददगार होती है।

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