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​​​​​​​स्कूलों में दुर्घटनाओं को रोकने के लिए शिक्षकों को संवेदनशील होना जरूरी- राणा

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रायपुर /शौर्यपथ/

स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव व एससीईआरटी के डायरेक्टर राजेश सिंह राणा ने कहा कि शिक्षक यदि संवेदनशीलता के साथ कार्य करेंगे तभी मुख्यमंत्री शाला सुरक्षा कार्यक्रम सफल होगा। किसी भी कार्यक्रम की सफलता उस संस्था के प्रमुख की भूमिका पर निर्भर होती है। विद्यालय का रखरखाव प्रबंधन के तौर तरीके वहां के प्रमुख की भूमिका पर निर्भर होते है। राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री शाला सुरक्षा कार्यक्रम हमारी संवेदनशीलता से ही सफल हो सकता है मुझे विश्वास है कि यहां से जाने के बाद सभी सहायक बीईओ और शिक्षक इसे परिणाममूलक बनाएंगे। स्कूलों में आपदा प्रबंधन के तहत संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बिना समय गवाएं तत्काल प्राथमिक उपचार की व्यवस्था और बचाव के उपाय की जानकारी होना जरूरी है।
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के अतिरिक्त संचालक डॉ. योगेश शिवहरे ने बीएड कॉलेज रायपुर में शाला सुरक्षा एवं व्यक्तिगत सुरक्षा विषय पर आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण के समापन अवसर पर कहा कि यह प्रशिक्षण तभी सफल हो जब हम अपने संभावित ऐसी दुर्घटनाएं जिन पर हमारा ध्यान नहीं जाता उन्हें रोकने में कम से कम एक प्रयास घर और स्कूल पहुंचने के तत्काल बाद करेंगे। प्रशिक्षण में आपदा प्रबंधन एवं व्यक्तिगत सुरक्षा से संबंधित विभिन्न पहलुओं को मॉकड्रील के माध्यम से बताया गया। प्रशिक्षण में राज्य के सभी जिलो से 163 प्रतिभागी शामिल हुए।

प्रशिक्षण में संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बिना समय गवाएं तत्काल प्राथमिक उपचार किए जाने के तरीके बताए गए। गैस सिलेण्डर फटने, आग लगने पर, बाल शोषण, शारीरिक शोषण इत्यादि के संबंध में जानकारी दी। सतत विकास लक्ष्य के बिन्दुओं के बारे में भी बताया गया प्रतिभागियों को योग प्रशिक्षण भी दिया गया। यूनिसेफ की ओर से सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण मॉडयूल पेनड्राइव में उपलब्ध कराया गया।

राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के असिस्टेंट डायरेक्टर प्रशांत कुमार पांडे ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन एससीआरटी के डॉ. विद्यावती चंद्राकर ने और आभार प्रदर्शन सहायक प्राध्यापक ए.के. सारस्वत ने किया। इस अवसर पर प्रशिक्षण प्रभारी सुनील मिश्रा, यूनिसेफ और अर्पण संस्था के विषय विशेषज्ञ उपस्थित थे। एससीईआरटी तथा समग्र शिक्षा द्वारा आयोजित इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण में यूनिसेफ और अर्पण संस्था ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

उल्लेखनीय है राज्य स्तरीय प्रशिक्षण के दौरान स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग भारत सरकार के संयुक्त सचिव मनीष गर्ग, संचालक लोक शिक्षण सुनील जैन, यूनिसेफ के राज्य प्रमुख जाब जकारिया ने भी प्रतिभागियों से चर्चा की। प्रशिक्षण में अर्पण फाउंडेशन की सोनाली माहेश्वरी, वंदना चौहान, आसिफ झा, विशाल वासवानी, डॉ श्रवण कुमार सिंह, डॉ श्याम कुमार ने प्रशिक्षण दिया। प्रतिभागियों में सतीश उपाध्याय, असगर खान, वीमित्रा दृतलहरें ने अपने विचार साझा किए।

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