रायपुर /शौर्यपथ/
बिलासपुर में नवनिर्मित डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्लेनेटोरियम में लगी ‘सीएम की पाठशाला’ के दौरान मुख्यमंत्री बघेल के व्यक्तित्व से प्रभावित एक छात्रा ने उनसे पूछा कि ‘‘सर आपके जैसा बनने के लिए मुझे क्या करना होगा?’’ इस पर मुस्कुराहट के साथ मुख्यमंत्री ने बड़ी सहजता से जवाब दिया कि, ‘‘कभी आपके सामने कोई चुनौती आए, उससे भागना नहीं चाहिए, पलायन करना कोई समस्या का समाधान नहीं है, समस्या का सामना करना चाहिए। आपसे समस्या का समाधान नहीं हो रहा है, तो अपने बड़ों से, गुरु से पूछें, लेकिन जब तक समाधान न मिल जाए। तब तक लगातार प्रयास करना चाहिए। वहीं दूसरी बात यह कि चीजों को सरलतापूर्वक लेना चाहिए। स्वयं के भीतर दूसरों के मदद की प्रवृत्ति विकसित करें। छात्रा ने तत्काल दूसरा सवाल किया कि, ‘‘सर आपके आदर्श कौन हैं?’’ इस पर मुख्यमंत्री बघेल ने थोड़ा ठहरते हुए कहा कि, हिंदुस्तान में इतनी विभूतियां हैं कि किसी एक का नाम लेना उचित नहीं होगा, लेकिन यदि मैं आध्यात्मिक रूप से कहूं तो रामकृष्ण परमहंस जी हैं। राजनीतिक रूप से कहूं तो पूर्व सांसद स्व. चंदूलाल चंद्राकर रहे हैं, जिनकी ऊंगली पकड़कर राजनीति की शुरुआत हुई। फिर दिग्विजय सिंह मिल गए और प्रदेशाध्यक्ष बना तो राहुल गांधी का बड़ा योगदान रहा।’’