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तकनीकी विकास कार्यक्रम : एनआईसी छत्तीसगढ़ के डीआईओ हुए शामिल

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रायपुर /शौर्यपथ/

एनआईसी छत्तीसगढ़ के डीआईओ के लिए दो दिवसीय तकनीकी विकास कार्यक्रम का आयोजनएनआईसी छत्तीसगढ़ के डीआईओ के लिए दो दिवसीय तकनीकी विकास कार्यक्रम का आयोजन गत दिनों नवा रायपुर के महानदी भवन मंत्रालय में किया गया। सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने मां सरस्वती की वंदना व दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। कार्यक्रम में मासिक कार्य रिपोर्ट (एमडब्ल्यूआर) का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर  संजय कपूर (उप महानिदेशक और राज्य समन्वयक, एनआईसी नई दिल्ली), डॉ अशोक कुमार होता (राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी),  टी.एन. सिंह (अतिरिक्त एसआईओ (राज्य),  ए.के.सोमशेखर (अतिरिक्त एसआईओ (जिला)) और श्री पी रामाराव (अतिरिक्त एसआईओ (जिला)) उपस्थित थे।

कार्यक्रम में डॉ. बी.के.मूर्ति, सीईओ, इनोवेशन सेल, आईआईटी भिलाई ने डिजिटल गवर्नेंस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के महत्व को समझाते हुए तकनीकी सत्र की शुरुआत की। एसोसिएट प्रोफेसर, आईआईटी भिलाई डॉ. गगन राज गुप्ता ने डेटा एनालिटिक्स फॉर सिटीजन फ्रेंडली गवर्नेंस की विस्तृत जानकारी दी। तकनीकी सत्र में आईटी और सिस्टम आईआईएम-रायपुर के प्रोफेसर डॉ. सुमीत गुप्ता ने सरकारी प्रणाली के लिए ब्लॉकचैन स्ट्रैटेजी के निर्माण की आवश्यकता के संबंध में बताया। जिला सूचना विज्ञान अधिकारियों ने कार्यक्रम में उभरती हुई प्रौद्योगिकी के उपयोगिता पर विचार व्यक्त किया।  ए.के. सोमशेखर द्वारा निकलर और टेलीप्रैक्टिस पर प्रेजेंटेशन दिया। साथ ही निकलर आधारित सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और उभरती प्रौद्योगिकियों पर क्विज प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। डीडीजी और एसआईओ, एनआईसी छत्तीसगढ़ डॉ. ए.के. होता ने प्रभावी संचार पर और  ललिता वर्मा ने सॉफ्टवेयर प्रबंधन गुणवत्ता पर विचार व्यक्त किया। मानसिक स्वास्थ्य निदेशालय द्वारा तनाव प्रबंधन (गतिविधि आधारित) सत्र भी आयोजित किया गया।

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