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जज्बा : ईश्वरी न बोलती न सुनती पर अपने हुनर से तैयार कर रही महुआ से स्वादिष्ट लड्डू

  • rounak group

कांकेर / शौर्यपथ /

ईश्वरी अन्य महिलाओं की तरह सामान्य नहीं हैं, लेकिन कामयाबी हासिल करने में सामान्य महिलाओं से आगे है। भानबेड़ा की रहने वाली दिव्यांग ईश्वरी उइके जो न बोलती न सुनती पर अपने हुनर से महुआ से स्वादिष्ट महुआ लड्डू तैयार कर रही है। ईश्वरी बोल-सुन नही पाती और उनका पति को कम दिखाई पड़ता है जिसके कारण उन्हें अन्य कामों में दिक्कत होता था। वे खेती किसानी तथा वनोपज का संग्रहण करते थे लेकिम ईश्वरी उइके अब समूह में जुड़कर महुआ लड्डू बनाने का कार्य करती है।ईश्वरी उइके के साथ काम करने वाली महिलाओं ने बताया कि ईश्वरी बोल सुन नही पाती लेकिन बताने पर कामों को बहुत तेजी से सीख लेती है। महिलाओं ने बताया कि हम सभी मे ईश्वरी का काम बहुत तेज है। ईश्वरी काम करते करते दूसरों के कामों में भी ध्यान रखती है। लड्डू का साइज छोटा बड़ा होने पर वह डांटती भी है।

मुख्यमंत्री ने चखा महुआ लड्डू का स्वाद, समूह की प्रगति सुनकर सराहना की, दी बधाई

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भानुप्रतापपुर विधानसभा के ग्राम भानबेड़ा में दिशा महिला स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित महुआ लड्डू निर्माण इकाई में पहुंचकर महुआ लड्डू निर्माण का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने समूह की महिलाओं से लड्डू बनाने की विधि, लगने वाले समय एवं खर्च की जानकारी ली। महिला समूह ने बताया कि महुआ लड्डू बहुत ही पोष्टिक एवं स्वादिष्ट है। हम मांग के अनुसार लड्डू तैयार करते हैं। तीज-त्योहार में लड्डू की मांग ज्यादा होती है, हमे प्रत्येक सदस्य को प्रतिमाह 10-12 हजार रुपये का आय होता है। इसके अलावा हम घर के अन्य काम भी कर लेते हैं।मुख्यमंत्री ने महिला समूह द्वारा बनाये लड्डू का स्वाद चखा और खूब तरक्की करने शुभकामनाएं दी। महिलो ने बताया कि लड्डू की मांग हमारे प्रदेश सहित अन्य राज्यों में भी है। वर्तमान में हमने तमिलनाडू के चेन्नई में भी 25 किलो लड्डू का विक्रय किया है। मुख्यमंत्री ने इसके लिए बधाई दी।

लड्डू की महक से ममता के घर पहुँची खुशियां, कमाई से त्यौहार में खरीदी थी बच्चों एवं पति के लिए कपड़े
समूह की ममता जैन ने बताया कि उनके परिवार में पति और दो बच्चे हैं। महुआ लड्डू की इकाई से जुडऩे के बाद उन्हें अच्छी आय हो रही है। पिछली दीपावली में उसने पति बच्चों के लिए कपड़े खरीदे। वे बड़े खुश हुए। महिला समूह के सदस्यों ने बताया कि वे पहले महुआ बीनने का कार्य करते थे फिर वन विभाग के सहयोग से वर्ष 2020 में महुआ लड्डू बनाने का प्रशिक्षण लिया। समूह का गठन हुआ। समूह में 11 सदस्य हैं सीजन में करीब 6 लाख रुपए का लड्डू बेच लेते है। उन्हें करीब एक से डेढ़ लाख रुपये की आय हो रही है।

मुख्यमंत्री को भेंट की महुआ लड्डू एवं वनोपज से बने सामग्री

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने भानुप्रतापपुर विधानसभा के ग्राम भानबेड़ा में दिशा महिला स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित महुआ लड्डू निर्माण इकाई में पहुंचकर महुआ लड्डू निर्माण का अवलोकन किया। इस दौरान महिलाओं ने मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल को महुआ लड्डू एवं वनोपज से बने सामग्री भेंट की।

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