- आरोप लग रहे हैं की जनपद प.सीईओ नगरी खुलकर कर रहे पद का दुरुपयोग
नगरी| नगर पंचायत नगरी के सभापति सुनील निर्मलकर, भूपेंद्र साहू और अश्वनी निषाद ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आरोप लगाया की नगर पंचायत नगरी निकाय क्षेत्र अंतर्गत, नगर नियम अधिनियम को ताक में रख के, ग्राम पंचायत अधिनियम पारित करते हुये करोड़ों रुपये की लागत से नगरी में आत्मानंद विद्यालय का भवन निर्माण किया जा रहा है । जिसमें संलिप्त सभी उच्च अधिकारी मूक दर्शक बने हुये है। नगर में इस बात के चर्चे हो रहे हैं कि मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर पंचायल नगरी अपने उत्तरदायित्वों का निर्वाह करने में असक्षम है| आम लोगों की बात को ध्यान में रखते हुये, नगर पंचायत नगरी लोक निर्माण विभाग सभापति सुनील निर्मलकर,राजस्व विभाग सभापति, भूपेन्द्र साहू पार्षद अश्वनी निषाद, द्वारा निर्माण कार्य का स्थल निरीक्षण करने पहुंचे, जहां कोई भी जवाबदेही व्यक्ति उपस्थित नहीं था । जब निरीक्षण कर्ताओं ने लेबर कन्ट्रेक्टरों से पूछा तो बताया गया कि स्थानीय ठेकेदारों द्वारा निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। नाम पूछने पर लेबरों ने बताया कि कोई ठाकुर, मिश्रा, प्रजापति व एक संस्था के प्राचार्य आदि बताया गया । आस-पास के रहवासियों ने बताया कि निर्माण कार्य खाना पूर्ति के लिये किया जा रहा है।
चूंकि इसमें ना ही कभी क्यूरिंग
करते है। देखा यह भी जाता है कि निर्माण कार्य को जल्द से जल्द करवाने के लिये नाबालिकों से भी कार्य करवाया जा रहा है।
लोक निर्माण विभाग सभापति ने नव निर्मित सी. सी रोड का संपूर्ण जानकारी लेने पहुंचे तो पता चला कि पूर्व में नगर पंचायत द्वारा बनाया गया सी.सी रोड के सामने ग्राम पंचायतो के द्वारा अवैध सी.सी रोड निर्माण करवाया जा रहा ""है, निर्माण के दरमियान बुलडोजर चालक से जब पूछा गया तो पता चला कि उक्त निर्माण पूर्व ठेकेदार द्वारा बनाया जा रहा है । पूरे निर्माण कार्य से यह स्पष्ट है कि स्थानीय अधिकारी से लेकर जिले में बैठे उच्च अधिकारी संलिप्त है। जिसकी जानकारी नगर पंचायत नगरी सभापति सुनील निर्मलकर द्वारा बाई पोष्ट राज्य के मुखिया माननीय भूपेश बघेल , महामहिम राज्यपाल सुश्री. अनुसुईया उइके जी छ.ग.नेता प्रतिपक्ष श्री धरमलाल कौशिक जी, मंत्री ताम्रध्वज साहू, अजय चंद्राकर पूर्व केबिनेट मंत्री व भारत के प्रथम नागरिक सम्मानीय श्री नरेंद्र मोदी जी को जानकारी दी गई है।
सी ई ओ जनपद पंचायत नगरी मेरे द्वारा किसी तरह से पद का दुरुपयोग नहीं किया जा रहा है सभी कार्य नियमानुसार प्रशासनिक आदेश से किए जा रहे हैं|