अनदेखी का नमूना देखना हो तो नगर पंचायत नगरी आईये।
बस स्टैडं जैसे स्थानो में यात्री प्रतीक्षालय जैसे बुनियादी सुविधायें तक नही है।
दूसरी तरफ नालियों के ऊपर सौंदर्यकरण को पहले प्राथमिकता दी जाती है।
*अंधेर नगरी चौपट राजा की कहावत चरितार्थ हो रही है।*
यात्री धूप और वर्षा में सर छुपाने दुकानों के आश्रय के मोहताज है।
नगरपंचायत नगरी, बस स्टैण्ड से कुछ ही मीटर के फासले में पीडब्ल्यूडी ,विधायक , नगर पंचायत कार्यालय होने के बावजूद भी अधिकारियों की नजर जनप्रतिनिधियो की नजर धूप व पानी में इंतजार करते बब्चों, महिलाओ, वृद्धों पर नहीं पड़ती।
नगर के कई वार्डों में. टाइम पास करने वालों केलिये प्रतीक्षालय बनाई जा रही है ,पर बस स्टैंड नगरी जैसे महत्वपूर्ण स्थानों में सुविधाओं का, ध्यान नहीं रखा जा रहा।
जिसकी वजह से नगर की छवि धूमिल हो रही है।