धमतरी शौर्यपथ
कलेक्टर श्री जयप्रकाश मौर्य ने आज आदिवासी बाहुल्य नगरी विकासखण्ड का भ्रमण कर विभिन्न शासकीय कार्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कोरोना वायरस कोविड-19 के संक्रमण के खतरे को भांपते हुए पूर्व-प्रशासनिक तैयारियों को सुदृढ़ करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए। कलेक्टर ने नगरी के 50 बिस्तरयुक्त मातृ-शिश अस्पताल सहित एसडीएम एवं तहसील कार्यालय तथा जनपद पंचायत कार्यालय का निरीक्षण कर आवश्यक दिशानिर्देश दिए। उन्होंने सभी कार्यालयों को रोजाना तीन बार सोडियम हाइपोक्लोराइट का छिड़काव कर सैनिटाइजेशन कराने तथा अस्पताल के सभी स्टाफ को ट्रिपल लेयर वाला एन-95 मास्क अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दिए।
कलेक्टर ने सबसे पहले मातृ-शिशु चिकित्सालय का जायजा लिया। वहां मुख्य द्वार पर बनाए गए अस्थायी स्वास्थ्य जांच केन्द्र की एकल खिड़की में मरीजों से प्रत्यक्ष संपर्क करने के स्थान पर उसे पारदर्शी बनाने तथा वार्तालाप के लिए माइक लगाने के निर्देश दिए। इसके उपरांत वे पूरे अस्पताल में घूमकर आपात कक्ष, ड्यूटी रूम, पैथोलाॅजी लैब, एनआरसी सहित विभिन्न कक्षों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न वार्डों में भर्ती किए गए मरीजों से बातचीत कर उनकी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली। कलेक्टर ने मुख्य चिकित्साधिकारी को सर्दी-खांसी तथा बुखार जैसे लक्षणों वाले मरीजों की दैनिक रिपोर्ट देने के निर्देश दिए, जिसमें एएनएम व मितानिनों के द्वारा ग्राम स्तर पर जाकर सर्वेक्षण किया गया हो। इसके अलावा परिसर में गुटखा खाकर थूकने वालों पर सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश कलेक्टर ने दिए तथा अस्पताल की दीवारों में थूकने पर प्रतिबंध लगाए जाने की जानकारी देने के लिए दीवार लेखन कराने के लिए भी ब्लाॅक चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया। विशेष तौर पर अस्पताल परिसर की स्वच्छता बरतने और लक्षण वाले मरीजों को जिला चिकित्सालय में रेफर के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने आइसोलेशन वार्ड के लिए नगर से बाहर भवन तलाशने के निर्देश बीएमओ तथा एसडीएम नगरी को दिए।
तदुपरांत कलेक्टर ने एसडीएम कार्यालय, तहसील कार्यालय तथा जनपद पंचायत कार्यालय की विभिन्न शाखाओं में जाकर निरीक्षण किया तथा कोरोना वायरस से खुद को बचाते हुए ग्रामीणों को भी आवश्यक जानकारी देने पर जोर दिया। इसके अलावा प्रत्येक कार्य के उपरांत हैण्डवाॅश करने या सैनिटाइजर का उपयोग करने के लिए कार्यालयीन स्टाफ को निर्देशित किया। कलेक्टर ने कहा कि तहसील कार्यालय ऐसा परिसर है जहां ग्रामीणों की ज्यादा आवाजाही होती है, इसलिए पूरी सतर्कता व सावधानी बरतते हुए शासकीय दायित्वों का निर्वहन करें। निरीक्षण के दौरान उन्होंने लोक सेवा केन्द्र में प्रिंट काॅपी की मूल्य सूची अनिवार्य रूप से चस्पा करने के निर्देश एसडीएम नगरी को दिए। इस अवसर पर ब्लाॅक स्तर के अधिकारीगण उपस्थित थे।